भारत‑म्यांमार ने 5‑6 नवंबर को चेन्नई में पहली त्रि‑सेवा एचएडीआर अभ्यास ‘राहत मित्र’ शुरू किया
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भारत और म्यांमार के रक्षा मंत्रालयों ने 5 नवंबर 2026 को चेन्नई में पहली द्विपक्षीय त्रि‑सेवा मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) अभ्यास ‘राहत मित्र’ की शुरुआत की। यह अभ्यास 5 से 6 नवंबर तक चलने वाला था।
‘राहत मित्र’ का विषय ‘टुगेदर फॉर ह्यूमैनिटी, स्ट्रॉन्गर थ्रू पार्टनरशिप’ था। इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों के रक्षा बलों के बीच समन्वय को बेहतर बनाना, आपसी विश्वास बढ़ाना और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना था।
इस अभ्यास में भारत और म्यांमार की तीनों सेनाओं के 300 से अधिक जवान भाग ले रहे थे। यह मंच दोनों देशों के सैनिकों को पेशेवर अनुभवों का आदान‑प्रदान करने और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत अभियानों में संचालन क्षमता बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है।
अभ्यास भारतीय नौसेना के तत्वावधान में समन्वित था, जिससे यह भारत‑म्यांमार के बीच रक्षा सहयोग और लंबे समय से चले आ रहे द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण कदम माना गया।
यह कार्यक्रम भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति और ‘महासागर’ रणनीति के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा एवं विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति पर बल देती है।
यह खबर क्यों अहम है
देश स्तर का यह घटनाक्रम आम नागरिकों, राज्यों और नीतियों पर असर डाल सकता है।
प्रतियोगी परीक्षा के नज़रिए से
- भारत और म्यांमार ने 5‑6 नवंबर 2026 को चेन्नई में पहली त्रि‑सेवा एचएडीआर अभ्यास ‘राहत मित्र’ शुरू किया
- अभ्यास में दोनों देशों की तीनों सेनाओं के 300 से अधिक जवान भाग ले रहे थे
- अभ्यास का विषय ‘टुगेदर फॉर ह्यूमैनिटी, स्ट्रॉन्गर थ्रू पार्टनरशिप’ था
- अभ्यास भारतीय नौसेना के तत्वावधान में समन्वित था
परीक्षा की दृष्टि से
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