एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर मल्टी‑लेन फ्री‑फ्लो टोलिंग हेतु मानकीकृत दिशानिर्देश जारी
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सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 06 नवंबर 2026 को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा जारी दिशानिर्देशों की घोषणा की।
इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य चार‑लेन और उससे अधिक वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर मल्टी‑लेन फ्री‑फ्लो (एमएलएफएफ) टोलिंग प्रणाली के लिए डिजाइन और बुनियादी ढांचे को मानकीकृत करना है। यह प्रावधान आगामी और वर्तमान में जारी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में निर्बाध, प्रौद्योगिकी‑आधारित, बाधा‑मुक्त टोल संग्रह को सुनिश्चित करेगा।
दिशानिर्देशों में टोल प्लाजा के लेआउट, लेन कॉन्फ़िगरेशन, गैंट्री, सड़क अवसंरचना, प्रकाश व्यवस्था, सूचना पट्टिका और सहायक सुविधाओं के लिए समान आवश्यकताएँ निर्धारित की गई हैं। इन मानकों के तहत टोल बूथों पर वाहनों को रोके बिना टोल संग्रह संभव होगा, जिससे यातायात कतारें समाप्त होंगी, प्रतीक्षा समय घटेगा और टोल प्लाजा पर ईंधन की खपत कम होगी।
एनएचएआई ने फील्ड कार्यालयों को निर्देश दिया है कि वे आगामी परियोजनाओं में इन आवश्यकताओं को शामिल करें और वर्तमान में जारी परियोजनाओं में संविदात्मक प्रावधानों के माध्यम से परिवर्तन लागू करें। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) चरण की परियोजनाओं में नया डिजाइन अनिवार्य होगा, जबकि पहले से ही अनुमोदित या निर्माणाधीन परियोजनाओं में परिवर्तन अनुबंध के माध्यम से स्वीकार्य होगा।
सुरक्षा और उपयोगकर्ता सुविधा पर विशेष जोर दिया गया है। टोल प्लाजा पर उचित सूचना पट्टिका और इलेक्ट्रॉनिक परिवर्तनीय संदेश संकेत (वीएमएस) के साथ पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, अग्रिम सूचना और मार्गदर्शन सुनिश्चित किया जाएगा।
इन दिशानिर्देशों के लागू होने से राष्ट्रीय राजमार्ग यात्राओं को सुरक्षित, अधिक निर्बाध और पर्यावरण‑अनुकूल बनाया जाएगा, तथा टोलिंग क्षेत्र के माध्यम से यातायात की आवाजाही में सुधार होगा।
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प्रतियोगी परीक्षा के नज़रिए से
- एनएचएआई ने 06 नवंबर 2026 को मल्टी‑लेन फ्री‑फ्लो टोलिंग हेतु मानकीकृत दिशानिर्देश जारी किए
- दिशानिर्देशों में टोल प्लाजा के लेआउट, लेन कॉन्फ़िगरेशन, गैंट्री, प्रकाश व्यवस्था और सूचना पट्टिका के लिए समान आवश्यकताएँ निर्धारित की गई हैं
- इन मानकों के तहत टोल बूथों पर वाहनों को रोके बिना टोल संग्रह संभव होगा, जिससे यातायात कतारें समाप्त होंगी
परीक्षा की दृष्टि से
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