पीएम सूर्य घर जन आंदोलन बन गया, सौर‑हाइड्रोजन‑पवन सहयोग सुदृढ़
प्रकाशित: (फ़ीड में तिथि नहीं थी — यह प्राप्त होने का समय है)
पीएम सूर्य घर योजना को केंद्र के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी ने भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं एक्सपो 2026 के तीसरे दिन एक अनौपचारिक संवाद सत्र में जन आंदोलन के रूप में वर्णित किया। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत लाखों परिवारों को मुफ्त बिजली मिल रही है और वे अतिरिक्त उत्पादन को ग्रिड को बेचकर आय अर्जित कर रहे हैं।
जोशी ने रूफटॉप सोलर पहल के प्रभाव पर प्रकाश डाला, कहे कि भारत हर छह दिन में लगभग एक लाख रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन पूरा कर रहा है। इस गति से 2014 में 3 GW की स्थापित सौर क्षमता आज 172 GW तक बढ़ गई है, जिससे उत्सर्जन में कमी और पीक आवर्स में ऊर्जा सुरक्षा दोनों में सुधार हो रहा है।
श्री प्रह्लाद जोशी के साथ केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री श्रीपद येसो नाइक ने ‘नेक्स्ट टेरावाट डिप्लोमैटिक डायलॉग’ में स्वच्छ ऊर्जा के अगले टेरावाट लक्ष्य को हासिल करने हेतु अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। नॉर्वे, जापान, ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस के साथ हाइड्रोजन, अपतटीय पवन और वित्तपोषण के क्षेत्रों में द्विपक्षीय समझौते मजबूत किए गए।
शिखर सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, सीईडब्ल्यू और एनर्जिवा वेंचर्स द्वारा आयोजित सीईओ सम्मेलन ने दशकों के लिए स्वच्छ ऊर्जा कार्यान्वयन की रूपरेखा तैयार की। साथ ही, राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन ने 2030 तक वार्षिक 50 लाख टन हरित हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य रखा, और इलेक्ट्रोलाइज़र निर्माण, फ्यूल‑सेल तकनीक तथा सतत विमानन ईंधन जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
कर्नाटक, दिल्ली, उत्तराखंड, बिहार, गुजरात और छत्तीसगढ़ ने अपनी नवीकरणीय ऊर्जा निवेश योजनाएँ प्रस्तुत कीं, जबकि पवन ऊर्जा, बैटरी भंडारण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता‑सहायित ग्रिड पूर्वानुमान पर सत्रों ने घरेलू स्तर पर गीगावाट‑स्तरीय उत्पादन एवं ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने के मार्ग दिखाए।
यह खबर क्यों अहम है
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प्रतियोगी परीक्षा के नज़रिए से
- PM Surya Ghar योजना के तहत लाखों परिवारों के बिजली बिल शून्य हो रहे हैं
- रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन की गति: हर छह दिन में लगभग 1,00,000 नई इकाइयाँ
- सौर क्षमता 2014 में 3 GW से बढ़कर 2026 में 172 GW हुई
- हरित हाइड्रोजन मिशन का लक्ष्य 2030 तक 50 लाख टन वार्षिक उत्पादन
परीक्षा की दृष्टि से
उपयोगी परीक्षाएं: UPSC, SSC, बैंकिंग, रेलवे, राज्य PCS
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