तेलंगाना के खम्मम में बेथुपल्ली झील में बचाव अभियान में SDRF की दो नावें पलटी, 10 जवान लापता
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तेलंगाना के खम्मम जिले में स्थित बेथुपल्ली झील में मछुआरों को बचाने के प्रयास के दौरान स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की दो बचाव नौकाएँ उलट गईं, जिससे लगभग दस जवान लापता हो गए। यह घटना भारी बारिश के बीच हुई, जब 'मुरासु' चक्रवात ने क्षेत्र में तीव्र वर्षा लाई थी।
बचाव दल ने सथुपल्ली मंडल के भीतर स्थित झील में फँसे मछुआरों के समूह को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए दो नावों का उपयोग किया। नौकाओं के उलटने के बाद, लापता जवानों की संख्या लगभग दस बताई गई। घटना के बाद खम्मम जिले के कलेक्टर दिवाकर टी.एस. और अन्य अधिकारी तुरंत स्थल पर पहुँचे और लापता कर्मियों की खोज के लिए विशेष टीमें तैनात कीं।
राजस्व मंत्री पंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने सोशल मीडिया पर बताया कि बचाव टीमों ने लापता SDRF जवानों के संभावित स्थान का पता लगा लिया है और उन्हें सुरक्षित रूप से निकालने के उपाय किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को इस घटना की सूचना मिलने के बाद उन्होंने जिला कलेक्टर को हर संभव प्रयास करने का निर्देश दिया और मुख्य सचिव संजय जाजू को स्थिति की निगरानी करने को कहा।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री संजय कुमार ने भी इस घटना पर चिंता व्यक्त की और बताया कि नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) के जवानों को तैनात कर बचाव कार्य तेज़ किया गया है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि बेथुपल्ली झील में बाढ़ के पानी में फँसे मछुआरों को बचाने के दौरान SDRF के जवानों के लापता होने की खबर से वह बहुत चिंतित हैं।
भारी वर्षा और चक्रवात 'मुरासु' के कारण जलस्तर में अचानक वृद्धि हुई, जिससे बचाव कार्य कठिन हो गया। इस प्रकार की प्राकृतिक आपदाएँ अक्सर स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन बलों को चुनौती देती हैं, और समय पर प्रतिक्रिया ही जीवन रक्षक सिद्ध होती है। लापता जवानों की खोज जारी है, और यदि वे सुरक्षित निकलते हैं तो यह बचाव कार्य की तत्परता का सकारात्मक परिणाम माना जाएगा।
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