गोवा कॉलेज ऑफ होम साइंस ने शुरू किया 15‑दिन का वैवाहिक तैयारी कोर्स
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गोवा के पणजी में स्थित गोवा कॉलेज ऑफ होम साइंस ने मानव विकास और परिवार अध्ययन विभाग के अंतर्गत "मैरिज रेडिनेस: प्रिपेयरिंग फार हेल्दी एंड लास्टिंग रिलेशनशिप्स" नामक सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया है। यह कोर्स दो दिसंबर से सत्र‑17 दिसंबर, 2026 तक 15 दिनों में आयोजित किया जाएगा और स्नातक, स्नातकोत्तर तथा अविवाहित युवाओं को लक्षित करता है।
कोर्स का उद्देश्य केवल शादी की रस्म‑रिवाजों की तैयारी नहीं, बल्कि दो व्यक्तियों के बीच आपसी समझ, प्रतिबद्धता और वैवाहिक जीवन की जिम्मेदारियों को गहराई से समझाना है। ब्रोशर में बताया गया है कि सत्रों में "डेटिंग के उद्देश्य और गतिशीलता", "आत्म‑जागृति और अपनेपन की जरूरत", "रिश्तों पर पुरुषत्व और स्त्रीत्व का प्रभाव" तथा "शादी (समारोह) और वैवाहिक जीवन के बीच का मूल अंतर" जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
कॉलेज के प्रिंसिपल महेश पाई ने कहा कि यह पहल सामाजिक विसंगति को दूर करने के लिए है, क्योंकि हाल के वर्षों में गोवा में 2022‑2025 के बीच तीन हजार से अधिक वैवाहिक‑तलाक मामलों की रिपोर्ट दर्ज हुई है, जिसमें 2024 में अकेले 947 मामले शामिल हैं। इस संदर्भ में उन्होंने बताया कि कोर्स केवल शैक्षणिक नहीं, बल्कि भावनात्मक तैयारी का भी साधन होगा।
पणजी में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने भी राज्य में बढ़ते तलाक के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए "प्री‑मैरीज काउंसलिंग" शुरू करने की इच्छा व्यक्त की थी, जिससे इस कोर्स की सामाजिक प्रासंगिकता और स्पष्ट हो गई।
भारत में विवाह को सात जन्मों का साथ माना जाता है और सामाजिक ताना‑बाना बहुत मजबूत है, परन्तु आधुनिकता के प्रभाव से वैवाहिक अलगाव की दर में वृद्धि देखी जा रही है। इस परिप्रेक्ष्य में गोवा कॉलेज की यह अनूठी पहल शिक्षा के समान वैवाहिक जीवन की तैयारी को भी आवश्यक मानती है, जिससे युवा भविष्य में अधिक स्थायी और संतोषजनक रिश्ते स्थापित कर सकें।
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