सुप्रीम कोर्ट 19 नवंबर को दिल्ली मतदाता सूची ‘फॉर्म 6’ स्पष्टीकरण पर सुनवाई करेगा
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सुप्रीम कोर्ट ने 19 नवंबर को दिल्ली मतदाता सूची के ‘फॉर्म 6’ स्पष्टीकरण पर याचिकाओं की सुनवाई का आदेश दिया है। चुनाव आयोग ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के दौरान छूटे हुए मतदाताओं को ‘फार्म 6’ के माध्यम से अपना नाम फिर से सूची में जोड़ने का अधिकार है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के नेतृत्व वाली पीठ ने याचिकाकर्ताओं अंजलि भारद्वाज और अमृता जौहरी से आग्रह किया कि वे उचित आवेदन दायर करें, जिसमें चुनाव आयोग के 3 नवंबर के स्पष्टीकरण को रिकार्ड पर रखा जाए। वकील प्रशांत भूषण ने बताया कि 28 अक्टूबर की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों के विपरीत, आयोग ने स्पष्ट किया कि 2026 की मतदाता सूची में मौजूद परंतु एसआइआर के दौरान हटाए गए नामों को ‘फार्म 8’ या गणना फार्म के माध्यम से फिर से पंजीकृत किया जा सकता है।
चुनाव आयोग के संदेश में उल्लेख है कि मसौदा मतदाता सूची में न होने वाले मतदाताओं को ‘फार्म 6’ जमा करने पर, चाहे वे पहले सूची में रहे हों या नहीं, उन्हें अंतिम सूची में शामिल किया जा सकता है। इस प्रक्रिया को झूठा घोषणापत्र नहीं माना जाएगा, भले ही आवेदक ने पूर्व चुनावों में मतदान किया हो।
पीठ ने याचिकाकर्ताओं को आश्वस्त किया कि लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि अदालत इस विषय पर सुनवाई कर रही है।
इस सुनवाई के बाद निर्णय से यह स्पष्ट होगा कि ‘फॉर्म 6’ के तहत नाम जोड़ने की प्रक्रिया को कैसे लागू किया जाएगा और क्या इससे मतदाता सूची में किसी प्रकार का बदलाव होगा।
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