मुख्य सामग्री पर जाएं
ताज़ा
अज़ाम खान को गौतम बुद्ध नगर के विशेष न्यायालय में 1 नवंबर को जौहर ट्रस्ट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पेश किया गयाएशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भारत ने सेमीफाइनल जीत कर जापान के खिलाफ फाइनल में छठा खिताब लक्ष्यअमेरिकी मध्यावधि चुनाव के नतीजों पर कांग्रेस और बीजेपी में विवादगृह मंत्रालय ने जारी किया अलर्ट, एआई एजेंटों से बैंक व वित्तीय संस्थानों पर बढ़ा हमलाअनिल कपूर और फराह खान ने गीता टंडन से माफी मांगी, कई सितारों ने समर्थन दियासुप्रीम कोर्ट ने तय किया: हिरासत से 24 घंटे की उलटी गिनती शुरूव्हाट्सएप का नया फीचर Recent Media Suggestions चैटिंग के दौरान फोटो और वीडियो भेजना आसान बनाएगाराहुल गांधी ने गोकुल दूध सहकारी चुनाव में नियम बदलने का आरोप लगायाकार्तिक आर्यन बने प्रोड्यूसर, कबीर खान के साथ मिलाया हाथ; ‘लड़ाकू’ की रिलीज़ 2027 मेंसुप्रीम कोर्ट के जज ने पत्नी की पॉकेट मनी मांग पर अपनी सैलरी का जिक्र कियासूरत में 30,000 रुपये के विवाद में सहकर्मी की हत्या, सिर और धड़ अलग फेंकेदिवाली वीकएंड में ओटीटी पर रिलीज़ हुई नई फिल्म‑सीरीज़ का विस्तृत सार
देश

अज़ाम खान को गौतम बुद्ध नगर के विशेष न्यायालय में 1 नवंबर को जौहर ट्रस्ट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पेश किया गया

दैनिक आयाम न्यूज़ डेस्क

प्रकाशित:

WhatsApp

अज़ाम खान को 31 अक्टूबर को प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया। जेल से बंधक रिहा होने के बाद, वह और उनका पुत्र अब्दुल्ला अज़ाम खान 1 नवंबर को गौतम बुद्ध नगर के विशेष न्यायालय में पेश हुए।

यह खबर क्यों अहम है

देश स्तर का यह घटनाक्रम आम नागरिकों, राज्यों और नीतियों पर असर डाल सकता है।

इस खबर को शेयर करें

WhatsApp

सुप्रीम कोर्ट ने तय किया: हिरासत से 24 घंटे की उलटी गिनती शुरू

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया कि किसी आरोपी को न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के लिये 24 घंटे की अवधि हिरासत के समय से शुरू होगी, न कि औपचारिक गिरफ्तारी के समय से। अदालत ने यह निर्णय इस आधार पर लिया कि गिरफ्तारी और हिरासत दोनों ही व्यक्ति की स्वतंत्रता पर समान प्रतिबंध लगाते हैं, अतः दोनों को एक ही मानना संवैधानिक दृष्टि से उचित है। इस आदेश के अनुसार, हिरासत में लिए जाने के क्षण से ही 24 घंटे की गिनती प्रारम्भ होगी। इस फैसले से यह स्पष्ट होता है कि स्वतंत्रता के संरक्षण के लिये हिरासत को ही समय सीमा का आधार माना जाएगा, जिससे आरोपी के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित होगी।

दैनिक आयाम न्यूज़ डेस्क

सुप्रीम कोर्ट के जज ने पत्नी की पॉकेट मनी मांग पर अपनी सैलरी का जिक्र किया

सुप्रीम कोर्ट में 4 नवम्बर, 2026 को वैवाहिक विवाद से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान जज ने पत्नी की पॉकेट मनी की मांग पर टिप्पणी की और अपनी मासिक सैलरी का उल्लेख किया। मामले की सुनवाई जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन ने की। एक महिला ने अपने पति से सभी खर्चों के अलावा हर महीने 1500 डॉलर अलग से पॉकेट मनी देने की मांग की। जज ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा, "क्या पति को ‘पॉकेट मनी’ देनी पड़ेगी? यह तो बहुत खतरनाक स्थिति है। कल को हमारी पत्नियां भी कहेंगी कि उन्हें पॉकेट मनी चाहिए। और हमारी सैलरी तो महीने की बस 3 लाख रुपये है, कोई 15,000 डॉलर महीना तो नहीं!" जस्टिस ने आगे कहा कि यदि पति पहले ही सभी खर्च उठा रहा है तो अतिरिक्त पॉकेट मनी की मांग से गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। साथ ही, उसी सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने विदेशी अदालत द्वारा जारी तलाक के आदेश को भारत में मान्य नहीं माना। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस चंद्रशेखर ने यह स्पष्ट किया कि विदेशी तलाक के आदेश को भारत में लागू वैवाहिक कानूनों के अनुरूप नहीं माना जा सकता और कोड ऑफ सिविल प्रोसीजर की धारा 13 के तहत आवश्यक शर्तों का पालन अनिवार्य है। इस निर्णय से स्पष्ट होता है कि वैवाहिक मामलों में विदेशी अदालत के आदेश को भारत में लागू करने के लिए कानूनी मानदंडों का पालन अनिवार्य है।

दैनिक आयाम न्यूज़ डेस्क

सूरत में 30,000 रुपये के विवाद में सहकर्मी की हत्या, सिर और धड़ अलग फेंके

सूरत के गोटलावाड़ी चौराहे के पास एक कब्रिस्तान में बिना सिर वाला शव मिला, जिससे पुलिस ने 3 नवंबर को इस घटना की जाँच शुरू की। पीड़ित और आरोपी सचित कुमार नरेंद्र बाल एक ही पावरलूम कंपनी में छह महीने से कार्यरत थे। दोनों के बीच 30,000 रुपये के उधार विवाद के कारण बार-बार झगड़े होते थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पीड़ित का सिर काटकर धड़ से लगभग तीन किलोमीटर दूर अलकापुरी रेलवे ब्रिज के नीचे फेंका। सिर और धड़ अलग-अलग पाए गए, जिससे घटना की भयंकरता स्पष्ट होती है। आरोपी ने पूछताछ में अपराध स्वीकार कर लिया और उसे हिरासत में लिया गया। शव तथा कटे हुए सिर को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। इस मामले से यह स्पष्ट होता है कि आर्थिक विवाद भी अत्यधिक हिंसा का कारण बन सकता है। पुलिस ने घटना के पीछे के कारणों की पूरी जाँच जारी रखी है।

दैनिक आयाम न्यूज़ डेस्क

पहला राष्ट्रीय सरस मेला 2026 विजयवाड़ा में सफल, 12.8 करोड़ रुपये की बिक्री, 12 लाख से अधिक आगंतुक

पहला राष्ट्रीय सरस मेला 2026, जो ग्रामीण विकास मंत्रालय की पहल और आंध्र प्रदेश सरकार के सहयोग से आयोजित हुआ, 15 अक्टूबर को राष्ट्रपति माननीया श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के उद्घाटन के साथ विजयवाड़ा के पुन्नमी घाट में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस मेले में 30 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 1,500 ग्रामीण महिला उद्यमियों ने भाग लिया और कुल 12.8 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री दर्ज की गई, जबकि 12 लाख से अधिक आगंतुकों ने स्टॉलों का दौरा किया। मेले में 600 स्टॉलों के माध्यम से महिला उद्यमियों ने हथकरघा, हस्तशिल्प, प्राकृतिक खाद्य उत्पाद और क्षेत्रीय व्यंजनों का प्रदर्शन किया, जिसमें प्रतिदिन औसतन 45,000‑50,000 आगंतुकों का स्वागत हुआ। सरस शक्ति फूड कोर्ट के 50 स्टॉलों ने अकेले 1.9 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री उत्पन्न की, और कुल बिक्री में हथकरघा व हस्तशिल्प की हिस्सेदारी 75 प्रतिशत रही। राष्ट्रपति के अलावा, आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नज़ीर, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री के. राममोहन नायडू तथा केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने मेले में भाग लिया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि केंद्र‑राज्य सहयोग से तकनीकी एवं विपणन व्यवस्था को सुदृढ़ कर महिला उद्यमियों की वित्तीय आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जाएगा। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "वोकल फॉर लोकल" अभियान और दीनदयाल अंत्योदय योजना‑राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAWY‑NRLM) के तहत 2029 तक छह करोड़ लखपति दीदियों के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मेले ने ग्रामीण महिलाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान कर उनके उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुँचाने का अवसर दिया, जिससे स्थानीय कारीगरों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना बनती है। भविष्य में इस प्रकार के मेले को केवल कुछ सप्ताह तक सीमित न रखकर पूरे वर्ष चलाने की मांग भी प्रमुख नेताओं ने की। यदि इस दिशा में नीतिगत समर्थन जारी रहा तो ग्रामीण महिला उद्यमियों को निरंतर बाजार उपलब्धता, वित्तीय सहायता और कौशल विकास के लाभ मिलेंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में स्थायी परिवर्तन की आशा है।

दैनिक आयाम न्यूज़ डेस्क