एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भारत ने सेमीफाइनल जीत कर जापान के खिलाफ फाइनल में छठा खिताब लक्ष्य
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भारत ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 8-1 से पराजित कर फाइनल में जगह पक्की की। इस जीत में शिलानंद लाकरा, दिलप्रीत सिंह, कप्तान हरमनप्रीत सिंह, सुखजीत सिंह, अंगबीर सिंह और विवेक सागर प्रसाद ने क्रमशः दो-एक-एक गोल दागे, जबकि दक्षिण कोरिया की ओर से केवल सांगजुन हन ने एक ही गोल किया।
जापान ने अपने सेमीफाइनल में मलयेशिया को पेनल्टी शूटआउट में 5-2 से हराकर फाइनल टिकट सुरक्षित किया। अब भारत और जापान के बीच ट्रॉफी के लिए मुकाबला तय हो गया है, जहाँ दोनों टीमें अपने-अपने प्रदर्शन को बरकरार रखते हुए खिताब की लड़ाई में उतरेंगी।
सेमीफाइनल जीत के बाद भारतीय टीम के प्रमुख खिलाड़ियों ने अपने खेल को जारी रखने की इच्छा व्यक्त की, जबकि जापान ने भी पेनल्टी में दिखाए दम के कारण आत्मविश्वास का इज़हार किया।
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन एशियाई हॉकी महासंघ (एएचएफ) द्वारा किया जाता है और यह 2026 का नौवां संस्करण है। भारत इस प्रतियोगिता में अब तक पाँच बार चैंपियन बना है, जिसमें पाकिस्तान के साथ साझा किया गया एक खिताब भी शामिल है, जिससे वह सबसे सफल टीम बनी हुई है।
फाइनल मैच मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम में होगा, जहाँ भारत और जापान के बीच खिताब की लड़ाई होगी। इसके साथ ही तीसरे स्थान के लिए मलयेशिया और दक्षिण कोरिया के बीच कांस्य पदक का मुकाबला गुरुवार शाम 4:30 बजे निर्धारित है, जिससे दोनों टीमों को भी पदक जीतने का अवसर मिलेगा।
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फुटबॉल टक्कर में फॉरवर्ड जीसस डी मिगुएल की मौत, गोलकीपर ओवोनो पर रेड कार्ड
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उबरलांडिया‑मामोरे अंडर‑20 सेमीफाइनल में 51 लाल कार्ड, मैच रद्द
उबरलांडिया और मामोरे के बीच मिनास गेरैस के अंडर‑20 कैम्पियोनाटो मिनेइरो (सेकंड डिवीजन) सेमीफाइनल में दूसरे हाफ के 54वें मिनट में मामोरे ने 3‑1 की बढ़त हासिल करने के बाद मैदान में हिंसक झड़प छिड़ गई। मामोरे के फॉरवर्ड डावी ने गोल के बाद विरोधी टीम के बेंच की ओर दौड़कर वहाँ मौजूद स्थानापन्न खिलाड़ियों और स्टाफ को चिढ़ाया, जिससे उबरलांडिया के गोलकीपिंग कोच पाउलो सर्जियो डायस डॉस सैंटोस मैदान में प्रवेश कर डावी से टकरा गए। इस टकराव में दोनों टीमों के स्थानापन्न खिलाड़ी, तकनीकी स्टाफ, बोर्ड के सदस्य और छह बॉल बॉय शामिल हो गए, जिन्होंने कुर्सियों, स्ट्रेचर और अन्य वस्तुओं से एक‑दूसरे पर हमला किया। मैच के रेफरी फर्नांडो पैट्रिक ड्रोसघिक मोडेस्टो ने घटना की आधिकारिक रिपोर्ट में बताया कि कुल 51 व्यक्तियों को लाल कार्ड दिखाए गए। इनमें 43 खिलाड़ी, आठ कोचिंग स्टाफ सदस्य और दो बोर्ड अधिकारी शामिल थे। प्रारम्भिक तीन लाल कार्ड दिखाने के बाद, रेफरी ने अतिरिक्त 48 व्यक्तियों को भी बाहर कर दिया, जिससे यह घटना फुटबॉल इतिहास में एक ही मैच में सबसे अधिक लाल कार्ड दिखाने का नया विश्व रिकॉर्ड बन गया। यह रिकॉर्ड 2011 में अर्जेंटीना के दो क्लबों के बीच 36 लाल कार्ड के पिछले मानक को तोड़ता है। स्थानीय सैन्य पुलिस को भी हस्तक्षेप करना पड़ा, क्योंकि झड़प लगभग 40 मिनट तक जारी रही और स्टेडियम के भीतर व्यापक तोड़फोड़ हुई। पुलिस ने मैदान में मौजूद वस्तुओं को सुरक्षित किया और दोनों टीमों के ड्रेसिंग रूम में हुए नुकसान का आकलन किया। इस घटना के बाद मैच को रद्द कर दिया गया और दोनों क्लबों को अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। फुटबॉल संघ ने बताया कि भविष्य में ऐसी हिंसा को रोकने के लिए कड़े नियम लागू किए जाएंगे, जिसमें बेंच पर मौजूद स्टाफ और बॉल बॉय की भागीदारी पर विशेष निगरानी शामिल होगी। उबरलांडिया‑मामोरे झड़प ने ब्राज़ील में फुटबॉल के अनुशासन संबंधी चुनौतियों को उजागर किया है, जबकि खिलाड़ियों, कोचों और अन्य स्टाफ के बीच बढ़ती तनाव को नियंत्रित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
