अलीगढ़ के निजी स्कूल में शिक्षिकाओं के यौन शोषण मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान
प्रकाशित: (फ़ीड में तिथि नहीं थी — यह प्राप्त होने का समय है)
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में एक निजी स्कूल की दो शिक्षिकाओं के कथित यौन शोषण के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इस गंभीर घटना का संज्ञान मीडिया रिपोर्टों के आधार पर लिया है, जिसमें स्कूल प्रबंधन पर पीड़ितों की शिकायतों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया गया है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एक शिक्षिका ने आरोप लगाया है कि स्कूल के मालिक के भाई द्वारा लंबे समय तक उसका यौन उत्पीड़न किया गया। विरोध करने पर उसे नौकरी से निकालने की धमकी दी गई। इसी तरह, दूसरी शिक्षिका ने भी उत्पीड़न का सामना करने और विरोध करने पर उसे नौकरी से निकाले जाने की बात कही है। पीड़ितों ने स्कूल प्रबंधन के समक्ष शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से संपर्क कर कानूनी हस्तक्षेप की मांग की है।
आयोग ने इस मामले को मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन माना है। एनएचआरसी ने अलीगढ़ के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर इस पूरे प्रकरण पर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। आयोग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और पीड़ितों को न्याय मिले।
यह घटना 3 नवंबर 2026 की मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से प्रकाश में आई थी। आयोग द्वारा मांगी गई रिपोर्ट में घटना की वर्तमान स्थिति, पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और पीड़ितों को सुरक्षा प्रदान करने के उपायों का विवरण शामिल होना अपेक्षित है।
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प्रतियोगी परीक्षा के नज़रिए से
- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में शिक्षिकाओं के यौन शोषण मामले में स्वतः संज्ञान लिया।
- आयोग ने अलीगढ़ के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
- यह मामला 3 नवंबर 2026 की मीडिया रिपोर्टों के आधार पर संज्ञान में आया है।
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