भारत की स्वदेशी पनडुब्बी ‘मत्स्य‑6000’ ने मानवरहित परीक्षण में सफलता पाई
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भारत के पहले मानवयुक्त समुद्र मिशन ‘समुद्रयान’ के तहत विकसित स्वदेशी पनडुब्बी मत्स्य‑6000 ने तमिलनाडु के कट्टुपल्ली स्थित एलएंडटी शिपयार्ड में मानवरहित परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। परीक्षण के दौरान पनडुब्बी की तैरने की क्षमता, पानी के अंदर स्थिरता और अन्य तकनीकी पहलुओं का आकलन किया गया, और सभी निर्धारित मानकों के अनुसार सफलता प्राप्त हुई।
मत्स्य‑6000 चौथी पीढ़ी की 25‑टन पनडुब्बी को गहरे समुद्र के अत्यधिक दबाव और तापमान का सामना करने के लिए टाइटेनियम से बनी पतवार के साथ डिजाइन किया गया है। इस परीक्षण में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव श्रीनिवास कुमार तुम्मला और राष्ट्रीय समुद्र प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक जी.ए. रामदास उपस्थित रहे।
परीक्षण के सफल समापन से पनडुब्बी के अगले चरण के परीक्षण का मार्ग साफ हो गया है, और यह पुष्टि हुई है कि पनडुब्बी 6000 मीटर की गहराई तक जाने में सक्षम है।
यह खबर क्यों अहम है
देश स्तर का यह घटनाक्रम आम नागरिकों, राज्यों और नीतियों पर असर डाल सकता है।
प्रतियोगी परीक्षा के नज़रिए से
- मत्स्य‑6000 पनडुब्बी का मानवरहित परीक्षण 2024 में कट्टुपल्ली शिपयार्ड में हुआ
- परीक्षण में पनडुब्बी की 6000 मीटर गहराई तक जाने की क्षमता की पुष्टि हुई
- परीक्षण में टाइटेनियम पतवार और 25 टन वजन का उपयोग हुआ
- परीक्षण में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव और एनआइओटी निदेशक उपस्थित रहे
परीक्षा की दृष्टि से
विषय: सरकारी योजनाएं
उपयोगी परीक्षाएं: UPSC प्रारंभिक, SSC, बैंकिंग, राज्य PCS
नाम, तारीख, स्थान और आंकड़े नोट करें और संभव हो तो आधिकारिक स्रोत (PIB/मंत्रालय) से मिलान करें।
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