भारत का स्वदेशी क्षमताओं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता हासिल करने का लक्ष्य: आईपीआरडी 2026 में डॉ. जितेंद्र सिंह
प्रकाशित: (फ़ीड में तिथि नहीं थी — यह प्राप्त होने का समय है)
डॉ. जितेंद्र सिंह ने आईपीआरडी 2026 में कहा कि भारत स्वदेशी क्षमताओं को विकसित कर और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ कर वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता प्राप्त करना चाहता है।
यह खबर क्यों अहम है
देश स्तर का यह घटनाक्रम आम नागरिकों, राज्यों और नीतियों पर असर डाल सकता है।
परीक्षा की दृष्टि से
उपयोगी परीक्षाएं: UPSC, SSC, बैंकिंग, रेलवे, राज्य PCS
यह आधिकारिक स्रोत की सूचना है — योजना/निर्णय का नाम, मंत्रालय, तारीख और प्रमुख आंकड़े नोट करें।
विषय-टैग शीर्षक के शब्दों के आधार पर अपने-आप लगाए गए हैं।
इस खबर को शेयर करें
संबंधित खबरें
सिक्किम में कड़ाके की ठंड, छांगू में माइनस दो और नाथुला में माइनस पांच डिग्री
सिक्किम में सर्दी का असर तेज़ी से बढ़ रहा है। छांगू में तापमान माइनस दो डिग्री तक गिरा, जबकि नाथुला में यह माइनस पांच डिग्री तक पहुँचा। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, दोनों क्षेत्रों में ठंड के कारण दैनिक जीवन में कठिनाइयाँ बढ़ रही हैं, और लोगों को अतिरिक्त गर्म कपड़े और हीटिंग की आवश्यकता महसूस हो रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने शरद पवार को फोन किया, महाराष्ट्र राजनीति में नई अटकलें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शरद पवार को फोन कर उनका हालचाल पूछते हुए महाराष्ट्र की राजनीति में नई अटकलें उत्पन्न कीं। इस संवाद से यह स्पष्ट हुआ कि शरद पवार की वर्तमान स्थिति पर केंद्र सरकार का ध्यान है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम से महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य पर असर पड़ सकता है, परंतु इसके सटीक प्रभाव अभी स्पष्ट नहीं हैं।
सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं ने रायरंगपुर मेगा मल्टी‑स्पेशियलिटी शिविर में 4,000 से अधिक मरीजों का इलाज किया और 365 दृष्टि‑लौटाने वाली सर्जरी कीं
रायरंगपुर में आयोजित मेगा मल्टी‑स्पेशियलिटी चिकित्सा शिविर में सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं ने चार हजार से अधिक रोगियों का उपचार किया तथा तीन सौ पैंसठ ऐसे ऑपरेशन किए, जिनसे रोगियों की दृष्टि पुनः प्राप्त हुई।
दिल्ली हाट में शिल्प समागम मेला 2026 ने जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पारंपरिक हस्तशिल्प के माध्यम से आगंतुकों को किया मंत्रमुग्ध
शिल्प समागम मेला 2026 में दिल्ली हाट पर जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और पारंपरिक हस्तशिल्प प्रदर्शित हुए, जिससे आगंतुकों को मंत्रमुग्ध कर दिया गया।
