NCW प्रमुख विजया रहाटकर ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के शीघ्र कार्यान्वयन की मांग की
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली – राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि भारत में महिलाएँ केवल भागीदार नहीं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्वकर्ता भी हैं। उन्होंने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से नारी शक्ति वंदन अधिनियम को जल्द लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया।
रहाटकर ने बताया कि 73वें और 74वें संविधान संशोधनों के बाद पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया, जिससे महिलाओं की सक्रिय भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। प्रारम्भिक संदेह के बावजूद, महिलाओं ने इस आरक्षण के तहत असाधारण प्रदर्शन किया, जिसके बाद कई राज्य सरकारों ने आरक्षण को 50 प्रतिशत तक बढ़ा दिया।
विजया रहाटकर ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का पारित होना निर्णय‑लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कई वर्षों के इंतजार के बाद यह अधिनियम अब लागू होने की प्रतीक्षा में है और सभी संबंधित पक्षों के बीच सहमति बनाकर इसे कार्यान्वित किया जाएगा।
अध्यक्ष ने यह भी रेखांकित किया कि महिलाओं को एप‑आधारित कैब सेवाओं का उपयोग करते समय सुरक्षित महसूस होना चाहिए। उन्होंने सेवा प्रदाताओं को सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील की, ताकि महिला यात्रियों को सुरक्षा की चिंता के बिना पेशेवर करियर बनाने में सुविधा मिले।
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