सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली‑एनसीआर वायु प्रदूषण पर तंज कसा
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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली‑एनसीआर में वायु प्रदूषण से संबंधित स्वतः संज्ञान मामले की सुनवाई की।
सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने दिल्ली‑एनसीआर के मौसम का आनंद लेने पर तंज कसा। वरिष्ठ वकील अमिकस क्यूरी अपराजिता सिंह ने बताया कि प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी के आसपास बना हुआ है और पराली जलाने का योगदान 14 प्रतिशत था। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रांसपोर्ट, ऊर्जा और कचरा जलाना दिल्ली‑एनसीआर में प्रमुख प्रदूषण स्रोत हैं।
मुख्य न्यायाधीश ने उल्लेख किया कि बारिश के कारण प्रदूषण स्तर में कुछ कमी आई है, परंतु कई इलाकों में AQI का स्तर 450 के पार चला गया है, जो बेहद गंभीर श्रेणी में आता है।
सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि दिल्ली‑एनसीआर में पराली जलाने और ट्रांसपोर्ट से उत्पन्न प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।
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