21,000 से अधिक श्रद्धालु तवांग मठ में शाक्यमुनि बुद्ध के पवित्र अवशेषों की श्रद्धांजलि
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तवांग मठ, गादेन नामग्याल ल्हात्से, 06 नवम्बर 2026 को 9:55 AM पर, 21,000 से अधिक भक्तों ने शाक्यमुनि बुद्ध के पवित्र अवशेषों को श्रद्धांजलि अर्पित की। अवशेष, जो 13 वर्ष पहले अरुणाचल प्रदेश लौटे, राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली से लाए गए थे।
प्रदर्शनी 7 नवम्बर 2026 तक आम जनता के लिए खुली रहेगी। अवशेषों की खोज 1898 में उत्तर प्रदेश के पिपरावाह में हुई थी और तब से उन्हें राष्ट्रीय संग्रहालय में संरक्षित किया गया है। तवांग मठ में दो विशेष प्रदर्शनियाँ आयोजित की गईं: अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) द्वारा ‘अनअर्थिंग द सेक्रेड पिपराहवा: द स्टोरी ऑफ द होली बुद्ध रेलिक्स एंड देयर डिस्कवरी’ और राष्ट्रीय संग्रहालय द्वारा ‘क्रॉसरोड्स ऑफ धम्माः क्लासिकल लिगेसिज, लिविंग आर्ट एंड अन्थ्रॉपॉलॉजिक्ल पर्सपेक्टिव्स’।
अवशेषों को 8 से 13 नवम्बर 2026 तक टीजीएल मठ (लोअर गोम्पा), बोमडिला और 14 से 20 नवम्बर 2026 तक गोल्डन पैगोडा, नामसाई ले जाया जाएगा, तथा 21 नवम्बर 2026 को राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली लौटेगा।
यह पहल संस्कृति मंत्रालय द्वारा अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ और अरुणाचल प्रदेश सरकार के सहयोग से आयोजित की गई है, जिसका उद्देश्य देश की समृद्ध बौद्ध विरासत को संरक्षित करना और शांति, करुणा, ज्ञान तथा वैश्विक भाईचारे पर आधारित बुद्ध की शिक्षाओं को प्रसारित करना है।
यह खबर क्यों अहम है
देश स्तर का यह घटनाक्रम आम नागरिकों, राज्यों और नीतियों पर असर डाल सकता है।
प्रतियोगी परीक्षा के नज़रिए से
- ,000 से अधिक भक्तों ने 06 नवम्बर 2026 को तवांग मठ में शाक्यमुनि बुद्ध के पवित्र अवशेषों की श्रद्धांजलि अर्पित की
- अवशेष 13 वर्ष पहले अरुणाचल प्रदेश लौटे और राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली से लाए गए
- प्रदर्शनी 7 नवम्बर 2026 तक आम जनता के लिए खुली रहेगी
- अवशेष 8 से 13 नवम्बर 2026 तक टीजीएल मठ, बोमडिला और 14 से 20 नवम्बर 2026 तक गोल्डन पैगोडा, नामसाई ले जाएँगे
परीक्षा की दृष्टि से
उपयोगी परीक्षाएं: UPSC, SSC, बैंकिंग, रेलवे, राज्य PCS
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