सीतामढ़ी‑अयोध्या के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस के लिए रेल मंत्री ने दी सैद्धांतिक स्वीकृति
प्रकाशित:
बिहार के सीतामढ़ी और उत्तर प्रदेश के अयोध्या को जोड़ने के लिए नई वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी शुरू हो गई है। रेल मंत्री ने इस परियोजना को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दे दी है और अब रेल मंत्रालय इस पर विस्तृत अध्ययन कर रहा है।
प्रस्तावित रूट लगभग 435 किमी लंबा होगा, जिसे अनुमानित छह घंटे में तय किया जा सकेगा। इस गति को हासिल करने के लिए वंदे भारत ट्रेन की आधुनिक सुविधाओं और तेज़ी को ध्यान में रखा गया है।
वर्तमान में योजना के तकनीकी और आर्थिक पहलुओं की समीक्षा चल रही है, जिससे आगे की कार्यवाही और समय‑सारिणी तय की जाएगी।
यह खबर क्यों अहम है
देश स्तर का यह घटनाक्रम आम नागरिकों, राज्यों और नीतियों पर असर डाल सकता है।
इस खबर को शेयर करें
संबंधित खबरें
तमिलनाडु के पेरम्बूर गांव में एक सदी से पटाखे नहीं, दीये से दिवाली मनाते हैं
तमिलनाडु के पेरम्बूर गांव में पिछले सौ वर्षों से पटाखे नहीं जलाए जाते। ग्रामीणों ने चमगादड़ों को शोर और धुएँ से बचाने के उद्देश्य से इस परंपरा को अपनाया है। दिवाली के अवसर पर यहाँ लोग केवल दीये जलाते हैं, जिससे बेजुबान जीवों को कोई हानि नहीं पहुँचती। इस उपाय से गांव ने पर्यावरणीय जिम्मेदारी को अपने दैनिक जीवन में शामिल किया है और चमगादड़ों के प्राकृतिक आवास की रक्षा की है।
धीरेंद्र शास्त्री के कृष्ण‑टेढ़े स्वरूप के बयान को कई धर्मशास्त्री समर्थन में
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान कृष्ण को टेढ़ा स्वरूप बताया, जिससे विवाद उत्पन्न हुआ। इस पर कई धर्मशास्त्री ने उनका समर्थन किया। श्री कृष्णचंद्र शास्त्री ठाकुरजी महाराज ने कहा कि कृष्ण का टेढ़ा स्वरूप भक्तों के बीच प्रिय है, यह उनकी पहचान है और शास्त्रों में वर्णित है। उन्होंने इस दृष्टिकोण को शास्त्रीय प्रमाणों के साथ प्रस्तुत किया। इन समर्थन बयानों से यह स्पष्ट होता है कि धीरेंद्र शास्त्री के बयान को केवल एक ही व्यक्ति के रूप में नहीं, बल्कि कई धार्मिक विद्वानों ने वैध माना है। इस पर चर्चा जारी है, पर वर्तमान में समर्थन पक्ष के वक्तव्य प्रमुख रूप से शास्त्रीय संदर्भों पर आधारित हैं।
गुरुग्राम में 55 नई इलेक्ट्रिक बसें, 25 से अधिक रूट पर ट्रायल, SOS बटन व व्हीलचेयर लिफ्ट सहित
गुरुग्राम महानगर सिटी बस लिमिटेड (GMCBL) के बेड़े में 55 नई इलेक्ट्रिक बसें सेक्टर‑10 स्थित बस डिपो में पहुंच गई हैं। इन वाहनों को विभिन्न मार्गों पर परिचालन के लिए तैयार किया गया है। इनमें से 40 बसों का ट्रायल कार्य 25 से अधिक रूट पर शुरू कर दिया गया है। सभी बसों में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखकर SOS बटन और व्हीलचेयर लिफ्ट की व्यवस्था की गई है, जिससे विशेष जरूरतों वाले यात्रियों को भी सहज यात्रा का अनुभव मिलेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने दो‑बच्चे‑से‑अधिक प्रतिबंध को अप्रासंगिक कहा
सुप्रीम कोर्ट ने दो से अधिक बच्चों वाले परिवारों पर सजा देने वाले कानूनों को अब प्रासंगिक नहीं मानते हुए, उन्हें अप्रासंगिक घोषित किया। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने 2003 के उस फैसले को बड़ी बेंच के पास भेज दिया, जिसमें हरियाणा के दो‑बच्चे नियम को सही ठहराया गया था। कोर्ट ने बताया कि देश में प्रजनन दर लगातार घट रही है; यह 3 से घटकर 1.9 हो गई है। इस गिरावट के कारण बुजुर्ग जनसंख्या में वृद्धि और कार्यशील जनसंख्या में कमी की संभावना है, जिससे सामाजिक‑आर्थिक संतुलन पर असर पड़ सकता है। इन आँकड़ों को देखते हुए, दो‑बच्चे‑से‑अधिक प्रतिबंध के पीछे का तर्क कमजोर पड़ गया है, और न्यायालय ने इस दिशा में पुनः विचार करने का आदेश दिया।
