कर्नाटक पेट्रोल में 20% से अधिक इथेनॉल पाया, राहुल गांधी ने सवाल उठाया
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कर्नाटक सरकार ने बताया कि राज्य के सात जिलों से लिये गये पेट्रोल के नमूनों को मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में जाँच कर 20% से अधिक इथेनॉल की मात्रा पाई गई।
लोकसभा में प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी ने इस मामले पर केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण माँगा।
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वेवएक्स ने IFFI गोवा 2026 के वेव्स बाज़ार में स्टार्टअप पवेलियन के लिए आवेदन आमंत्रित किए
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की स्टार्टअप प्रोत्साहन पहल वेवएक्स ने अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) गोवा 2026 के दौरान आयोजित वेव्स बाज़ार में भाग लेने हेतु स्टार्टअप कंपनियों को आवेदन आमंत्रित किया। यह आमंत्रण उन कंपनियों के लिए है जो फिल्म और संबंधित तकनीकों, जैसे एनीमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स, एक्सटेंडेड रियलिटी (AVGC‑XR) और अन्य मीडिया तकनीकों में कार्यरत हैं और DPIIT द्वारा पंजीकृत हैं। वेव्स बाज़ार के तहत स्टार्टअप पवेलियन की बुकिंग अब खुल गई है, जिससे चयनित कंपनियों को अपने उत्पादों और तकनीकों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय फिल्म एवं मीडिया उद्योग के सामने प्रदर्शित करने का मंच मिलेगा। इस मंच के माध्यम से वे फिल्म निर्माताओं, प्रोडक्शन हाउस, निवेशकों और वैश्विक रचनात्मक उद्योग के अन्य हितधारकों के साथ नेटवर्किंग, विचारों का आदान‑प्रदान और संभावित सहयोग स्थापित कर सकेंगे। पात्र स्टार्टअप कंपनियों का चयन वेवएक्स द्वारा गठित चयन समिति द्वारा की जाने वाली जांच और मूल्यांकन प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा। समिति के पास तकनीकी नवाचार, व्यावसायिक संभावनाओं और फिल्म‑तकनीकी क्षेत्र में योगदान की समीक्षा करने की जिम्मेदारी है। चयनित कंपनियों को वेवएक्स स्टार्टअप पवेलियन में भाग लेने का अवसर मिलेगा, जहाँ वे IFFI के व्यापक दर्शकों के सामने अपनी पेशकशें प्रस्तुत कर सकेंगे। IFFI गोवा, 1952 में स्थापित, एशिया के प्रमुख फिल्म महोत्सवों में से एक है और हर वर्ष गोवा में आयोजित होता है। यह महोत्सव विश्व सिनेमा की उत्कृष्ट कृतियों को प्रदर्शित करने, रचनात्मक आदान‑प्रदान को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। इस महोत्सव के दौरान वेव्स बाज़ार का आयोजन फिल्म और तकनीकी नवाचार को एक साथ लाने के लिए किया जाता है, जिससे उद्योग के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद को प्रोत्साहन मिलता है। वेवएक्स, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की एक स्टार्टअप इन्क्यूबेशन पहल, का लक्ष्य मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में उद्यमिता को सशक्त बनाना और उभरती प्रतिभाओं को समर्थन प्रदान करना है। इस पहल के तहत चयनित स्टार्टअप को न केवल प्रदर्शनी का मंच मिलेगा, बल्कि संभावित निवेश और अंतरराष्ट्रीय पहचान भी प्राप्त हो सकती है, जो उनके विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
पीएसयू तेल कंपनियों के ई20 पेट्रोल के 893 नमूने मानकों के अनुरूप पाए
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने घोषणा की कि 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लिये गये 893 ई20 पेट्रोल नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हैं। कर्नाटक में लिये गये 56 नमूनों का परीक्षण भी भारतीय मानक ब्यूरो के आईएस 17021 मानक के अनुरूप पाया गया, जिसमें इथेनॉल की मात्रा 19% से 20% के बीच थी। कर्नाटक सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामले और विधिक माप विज्ञान विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया गया था कि कुछ खुदरा केंद्रों पर बेचे जाने वाले पेट्रोल में 26% से 31% तक इथेनॉल है। इस दावे के जवाब में सार्वजनिक क्षेत्र की तीन तेल विपणन कंपनियाँ – इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड – ने स्पष्ट किया कि ऐसे दावे कानूनी और तकनीकी प्रक्रियाओं के अनुसार की गई जाँच से मेल नहीं खाते। तीनों कंपनियों ने बताया कि पूरे देश में आपूर्ति किया जाने वाला ई20 पेट्रोल भारतीय मानक ब्यूरो के इथेनॉल‑मिश्रित मोटर गैसोलीन मानक के अनुरूप है। उन्होंने अक्टूबर 2026 की सैंपलिंग प्रक्रिया और परीक्षण पद्धति पर भी चिंताएँ जताई, विशेषकर यह कि ओएमसी के प्रतिनिधियों की उपस्थिति नहीं थी। मोटर स्पिरिट और हाई स्पीड डीजल (आपूर्ति, वितरण का विनियमन और कदाचार की रोकथाम) आदेश, 2005 और विपणन अनुशासन दिशानिर्देश (एमडीजी) 2024 के तहत सैंपलिंग, नमूनों को सुरक्षित रखने, परीक्षण और परिणामों की सूचना देने की तय प्रक्रिया का पालन किया जाना आवश्यक है। इस प्रक्रिया के अनुसार, एक-एक लीटर के छह नमूने लिए जाते हैं, जिनमें से दो डीलर को सौंपे जाते हैं, दो तेल कंपनी या विभाग अपने पास रखते हैं, और दो नियंत्रित प्रयोगशालाओं में भेजे जाते हैं। सितंबर 2026 की प्रक्रिया में लिए गये नमूनों को राज्य स्तरीय समन्वयक के माध्यम से ओएमसी प्रयोगशालाओं में भेजा गया और एमडीजी 2024 के तहत आवश्यक गुणवत्ता मानकों के लिए परीक्षण किया गया। परंतु अक्टूबर की प्रक्रिया में लिये गये नमूनों के लिए ओएमसी प्रतिनिधियों की उपस्थिति नहीं थी, और ओएमसी ने रिटेंशन सैंपल, आउटलेट‑वार जानकारी और प्रयोगशाला रिपोर्ट की मांग की परन्तु उन्हें प्राप्त नहीं हुई। ओएमसी का कहना है कि सामने आए नतीजे नियंत्रित प्रयोगशाला में किए गये परीक्षण पर आधारित नहीं, बल्कि किसी थर्ड‑पार्टी प्रयोगशाला द्वारा जारी प्रमाणपत्रों पर आधारित हैं।
दिवाली के उपहार महँगे: पिस्ता, बादाम और अन्य सामग्री की कीमतें बढ़ी
दिवाली के उपहार महँगे हो रहे हैं क्योंकि घी, मक्खन, सूखे मेवे और चीनी की कीमतें बढ़ रही हैं। पिस्ता की कीमतें पिछले दिवाली की तुलना में 60‑70% बढ़ गई हैं, जबकि बादाम की कीमतें 20‑40% बढ़ी हैं। इन बढ़ती इनपुट लागतों के साथ कॉर्पोरेट गिफ्टिंग खर्च भी बढ़ रहा है, और कई कंपनियाँ अपने दिवाली गिफ्टिंग सूचियों को घटा रही हैं। इस प्रकार, इस दिवाली में उपहारों की बढ़ी हुई कीमतें उपभोक्ताओं के लिए अधिक खर्च का कारण बन सकती हैं।
एमएसएमई ने ट्राइफेड के साथ MoU पर हस्ताक्षर, पीएम विश्वकर्मा कारीगरों के लिए बाजार पहुंच बढ़ेगी
एमएसएमई मंत्रालय ने पंजीकृत पात्र जनजातीय कारीगरों के लिए बाजार पहुंच को सुदृढ़ करने हेतु भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास महासंघ (TRIFED) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। हस्ताक्षर समारोह 5 नवंबर 2026 को PIB दिल्ली द्वारा प्रकाशित प्रेस विज्ञप्ति में दर्ज हुआ, जिसमें एमएसएमई के अतिरिक्त सचिव एवं विकास आयुक्त डॉ. रजनीश, ट्राइफेड के प्रबंध निदेशक श्री एम. राजा मुरुगन, उप महानिदेशक श्री नितीश कुमार, एमएसएमई के संयुक्त विकास आयुक्त श्री दानिश अशरफ और ट्राइफेड के कार्यकारी निदेशक श्री प्रतीक सिंह मीणा उपस्थित थे। इस MoU के तहत ट्राइफेड के ट्राइब्स इंडिया मार्केटप्लेस और खुदरा नेटवर्क को एमएसएमई के पीएम विश्वकर्मा ढांचे के साथ जोड़कर पंजीकृत जनजातीय कारीगरों के पारंपरिक उत्पादों की बाजार दृश्यता बढ़ाई जाएगी। सहयोग के अंतर्गत कारीगरों के लिए उत्पाद प्रस्तुतिकरण, क्षमता निर्माण और व्यापक बाजार पहुंच का समर्थन किया जाएगा, जिससे उनके उत्पादों की गुणवत्ता और पहुँच में सुधार होगा। पीएम विश्वकर्मा योजना, जिसे 17 सितंबर 2023 को शुरू किया गया, पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के उत्पादों और सेवाओं की गुणवत्ता तथा पहुंच में सुधार का उद्देश्य रखती है।
