मेघालय की गुफा में 6,000 साल पुराना मानसून रिकॉर्ड मिला
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वैज्ञानिकों ने मेघालय की एक गुफा में स्थित चट्टानी संरचना का अध्ययन किया, जिसमें लगभग 6,000 वर्ष पुराना भारतीय मानसून का रिकॉर्ड संरक्षित था। इस अध्ययन से पता चला कि प्राचीन काल में भारतीय मानसून आज की तुलना में अधिक तीव्र था।
विज्ञानियों ने इस रिकॉर्ड के विश्लेषण से यह भी स्थापित किया कि उस समय के मानसून में अटलांटिक महासागर के जलवायु परिवर्तन और सूर्य की गतिविधियों का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखता था। इन कारकों के संयोजन ने उस अवधि के वर्षा पैटर्न को आकार दिया।
इस खोज से भारतीय उपमहाद्वीप के प्राचीन जलवायु इतिहास को समझने में नई दिशा मिली है और भविष्य में जलवायु मॉडलिंग में उपयोगी डेटा प्रदान किया जा सकता है।
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विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़ी उपलब्धियां प्रतियोगी परीक्षाओं के विज्ञान-प्रौद्योगिकी खंड में भी पूछी जाती हैं।
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