नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं तो फॉर्म‑6 भरें, दोबारा जुड़वाने का निर्देश
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चुनाव आयोग ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि यदि किसी मतदाता का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट (SIR) में नहीं दिखता, तो उसे फॉर्म‑6 भरकर अपना नाम दोबारा जोड़वाना होगा। इस प्रक्रिया में मतदाता को यह लिखना अनिवार्य है कि "मेरा नाम पहली बार वोटर लिस्ट में जोड़ा जा रहा है"।
फॉर्म‑6 के माध्यम से नाम पुनः जोड़ने के लिए कोई झूठा शपथ पत्र माना नहीं जाएगा और इस पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। आयोग ने यह भी कहा कि यह नियम सभी मतदाताओं पर लागू होगा, चाहे वे पिछले दस वर्षों से वोटर सूची में हों या नहीं।
इस निर्णय से उन 13 करोड़ मतदाताओं को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनका नाम SIR के दौरान काट दिया गया था। अब वे बिना किसी केस के, फॉर्म‑6 के माध्यम से पुनः नामांकन कर सकते हैं, जिससे आगामी चुनावों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित होगी।
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चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि यदि किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची में नहीं है, तो वह फॉर्म‑6 भरकर अपना नाम दोबारा जोड़वा सकता है। इस प्रक्रिया में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी, जिससे मतदाता को किसी डर या दण्ड का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस घोषणा से यह सुनिश्चित होता है कि नाम न होने की वजह से किसी भी नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा, और सूची में सुधार के लिए एक सरल एवं सुरक्षित उपाय उपलब्ध कराया गया है।
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