मध्य प्रदेश में फर्जी पासपोर्ट मामले में 31 बांग्लादेशी पासपोर्ट निरस्त, 17 ग्वालियर में बनवाए
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जून 2024 में मध्य प्रदेश के ग्वालियर में फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट प्राप्त करने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई तेज़ हुई। STF की जांच रिपोर्ट के अनुसार, पासपोर्ट विभाग ने 70 पासपोर्टों में से 31 को निरस्त कर दिया है, जिनमें से 17 पासपोर्ट ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र के सिमरिया गांव के पते पर बनवाए गए थे।
जांच में पता चला कि आरोपियों ने नाम और पहचान बदलकर फर्जी दस्तावेज़ तैयार किए और उन दस्तावेज़ों के आधार पर पासपोर्ट बनवाए। इस नेटवर्क ने बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट बौद्ध मठों के पते से बनवाए थे। मामले के मास्टरमाइंड रियाल चौधरी उर्फ मित्यानंद भिक्षु और उसके तीन बांग्लादेशी सहयोगियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। स्थानीय स्तर पर मदद करने वाले गुलाबराय गौतम, गयाप्रसाद गौतम और भोपाल पासपोर्ट सेवा केंद्र के एजेंट नसीम अख्तर को भी हिरासत में ले लिया गया है।
STF की रिपोर्ट में बताया गया कि 66 आरोपितों में से अधिकांश देश छोड़कर विदेश भाग चुके हैं। पूछताछ के दौरान यह जानकारी मिली कि कुछ आरोपित इंडोनेशिया, मलेशिया, म्यांमार और चीन जैसे देशों में छिपे हुए हैं। शेष पासपोर्टों को निरस्त करने की प्रक्रिया जारी है, और निरस्त पासपोर्ट के उपयोग पर इमिग्रेशन सिस्टम के माध्यम से संबंधित व्यक्ति की पहचान की जा सकेगी।
मध्य प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र के नागपुर में भी फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने का मामला सामने आया था, जहाँ समान गिरोह से जुड़े कड़ियाँ मिलीं। STF अब ग्वालियर‑डबरा और नागपुर मामलों के बीच संभावित संबंधों की जांच कर रही है और नागपुर पुलिस से संबंधित जानकारी मांगी गई है।
यह खबर क्यों अहम है
देश स्तर का यह घटनाक्रम आम नागरिकों, राज्यों और नीतियों पर असर डाल सकता है।
प्रतियोगी परीक्षा के नज़रिए से
- STF की जांच के बाद पासपोर्ट विभाग ने 70 में से 31 पासपोर्ट निरस्त किए
- मास्टरमाइंड रियाल चौधरी उर्फ मित्यानंद भिक्षु और तीन बांग्लादेशी सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया
- आरोपियों में से अधिकांश विदेश में छिपे हुए, संभावित देशों में इंडोनेशिया, मलेशिया, म्यांमार, चीन शामिल
- निरस्त पासपोर्ट के उपयोग पर इमिग्रेशन सिस्टम से पहचान संभव होगी
परीक्षा की दृष्टि से
विषय: रिपोर्ट और सूचकांक
उपयोगी परीक्षाएं: UPSC, बैंकिंग, राज्य PCS
नाम, तारीख, स्थान और आंकड़े नोट करें और संभव हो तो आधिकारिक स्रोत (PIB/मंत्रालय) से मिलान करें।
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