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राजनीति

ट्रम्प समर्थित विवेक रामास्वामी हारें, एमी एक्टन ने ओहियो गवर्नर पद जीता

दैनिक आयाम न्यूज़ डेस्क

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रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन और तीव्र चुनावी प्रचार के बावजूद, ओहियो में अपने गवर्नर पद के लिए हुए चुनाव में हार गए।

डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन ने ओहियो गवर्नर सीट को अपने नाम किया, जिससे राज्य में सत्ता का परिवर्तन हुआ। दोनों प्रमुख उम्मीदवार, एमी एक्टन और विवेक रामास्वामी, वर्तमान गवर्नर माइक डीवाइन की जगह लेने की प्रतिस्पर्धा में थे।

यह खबर क्यों अहम है

राजनीतिक घटनाक्रम आने वाले फैसलों, चुनावी समीकरण और शासन की दिशा को समझने में मदद करता है।

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पिया डांडिया ने अमेरिकी मिडटर्म चुनाव जीता, हार्वर्ड स्नातक और दिल्ली में अंग्रेजी शिक्षक

पिया डांडिया, भारतीय मूल की अमेरिकी राजनेता, ने हालिया मिडटर्म चुनाव में जीत दर्ज की। वह हार्वर्ड विश्वविद्यालय से स्नातक हैं और अपने शैक्षणिक सफर के दौरान सामाजिक कार्य में सक्रिय रही हैं। डांडिया ने अपनी पढ़ाई के दौरान गर्मियों की छुट्टियों में दिल्ली की झुग्गी‑बस्तियों में बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाने का काम किया। इस अनुभव ने उनके सामाजिक प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ किया, जिससे वह विदेश में भारतीय प्रवासी समुदाय के बीच भी पहचान बन गईं। उनकी जीत अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल के प्रतिनिधित्व को बढ़ाती है, जबकि उनके शैक्षणिक और सामाजिक पृष्ठभूमि से यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने शिक्षा और सामाजिक सेवा को अपने सार्वजनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया है।

दैनिक आयाम न्यूज़ डेस्क

सुप्रीम कोर्ट ने कहा जनसांख्यिकीय बदलाव नज़रअंदाज़ करने से भविष्य में गंभीर परिणाम हो सकते

सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने यह चेतावनी दी कि यदि भारत में दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवारों पर चुनाव लड़ने से रोकने वाले कानूनों को बदलती जनसांख्यिकीय परिस्थितियों के अनुसार संशोधित नहीं किया गया तो देश को भविष्य में गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। इस निर्णय में जनसंख्या वृद्धि और सामाजिक संरचना में बदलाव को ध्यान में रखने की आवश्यकता पर बल दिया गया। कोर्ट के इस फैसले से महाराष्ट्र के पूर्व सरपंच को राहत मिली, जिन्हें इस मुद्दे से जुड़ी कानूनी जाँच का सामना करना पड़ रहा था। बेंच ने कहा कि मौजूदा प्रावधानों की प्रासंगिकता का पुनर्मूल्यांकन आवश्यक है, जिससे चुनावी प्रक्रिया में समानता और न्याय सुनिश्चित हो सके।

दैनिक आयाम न्यूज़ डेस्क

CJI ने कहा ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम हटे तो घबराएँ नहीं, मामला सुन रहे हैं

दिल्ली में SIR (सुपर इंटेग्रेटेड रजिस्ट्रेशन) के बाद जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं दिखे, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। याचिकाकर्ताओं के वकील प्रशांत भूषण ने बताया कि 2026 की वोटर लिस्ट में शामिल लोग SIR प्रक्रिया के दौरान हटाए गए हैं और अब उन्हें नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने की बाध्यता नहीं है। वकील ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते स्पष्ट किया था कि ऐसी स्थिति में चुनाव आयोग को प्रभावित व्यक्तियों को पुनः पंजीकरण के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए। इस संदर्भ में एक दिन पहले चुनाव आयोग ने संबंधित व्यक्तियों को फॉर्म‑6 भरने का निर्देश दिया था, जिससे यह स्पष्ट हो कि प्रक्रिया अभी भी चल रही है। विचाराधीन याचिका का मुख्य बिंदु यह है कि ड्राफ्ट लिस्ट से नाम हटने के कारण मतदाता अधिकारों पर संभावित प्रभाव को लेकर न्यायालय से स्पष्ट दिशा-निर्देश मांगे गए हैं। कोर्ट की सुनवाई के बाद इस मुद्दे पर आगे की कार्यवाही तय होगी।

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दिल्ली SIR में फॉर्म‑6 पर अड़ा चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट में याचिका, दिवाली‑छुट्टियों के बाद सुनवाई

दिल्ली के सिविल इन्फॉर्मेशन रजिस्टर (SIR) में हटाए गए मतदाताओं को फॉर्म‑6 भरवाने के आदेश पर चुनाव आयोग ने विरोध किया है। इस विवाद को लेकर चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जिससे न्यायिक समीक्षा का मार्ग खुला। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने बताया कि इस याचिका की सुनवाई दिवाली की छुट्टियों के बाद निर्धारित की जाएगी। इस घोषणा से यह स्पष्ट हुआ कि अदालत इस मुद्दे को तुरंत नहीं सुनाएगी, बल्कि छुट्टियों के बाद ही मामले की गहराई से जांच करेगी। फॉर्म‑6 के संबंध में चुनाव आयोग का विरोध इस बात को उजागर करता है कि हटाए गए मतदाताओं की सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया में procedural कठिनाइयाँ और वैधता संबंधी प्रश्न उठ रहे हैं। अदालत की आगामी सुनवाई के बाद इस विवाद का समाधान निकलेगा, जिससे SIR में मतदाता डेटा की शुद्धता और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर असर पड़ेगा।

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