भारत और यूएई ने निवेश, पर्यटन व सांस्कृतिक सहयोग को सुदृढ़ करने पर चर्चा की
प्रकाशित:
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सोमवार को अबू धाबी के वित्त विभाग के अध्यक्ष तथा एल’इमाद होल्डिंग कंपनी के प्रबंध निदेशक जासिम मोहम्मद बू अताबा अल के साथ निवेश संबंधों को मजबूत करने, आर्थिक सहयोग बढ़ाने और सांस्कृतिक आदान‑प्रदान को प्रोत्साहित करने के उपायों पर विचार‑विमर्श किया। दोनों पक्षों ने सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में संभावनाओं की पहचान की और भविष्य में साझेदारियों को गहरा करने का संकल्प व्यक्त किया।
तथ्य संदर्भ: डीडी न्यूज़
यह खबर क्यों अहम है
बाज़ार और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरें आपकी बचत, निवेश, नौकरी और कीमतों पर असर डाल सकती हैं। निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लें।
इस खबर को शेयर करें
संबंधित खबरें
विकास के लिए कैपेक्स जारी रहेगा, वित्तीय अनुशासन जरूरी
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार भारत की विकास गति को बनाए रखने हेतु पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) को प्राथमिकता देती रहेगी। उन्होंने आर्थिक विस्तार और कल्याणकारी कार्यक्रमों को बढ़ावा देते हुए वित्तीय अनुशासन और समझदारी पर भी बल दिया।
भारतीय शेयर बाजार में तेज़ी, सेंसेक्स 1,233 अंक उछला, निफ्टी 23,440 के पार बंद
भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार के कारोबारी सत्र में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया। सत्र के अंत में सेंसेक्स ने 1,233.25 अंक (1.66 %) की बढ़त के साथ 75,692.78 पर समाप्ति की, जबकि निफ्टी ने 387.70 अंक (1.68 %) की बढ़ोतरी कर 23,440.80 पर बंद हुआ। इस गति को मुख्यतः कमोडिटीज़ और ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों ने समर्थन दिया। बाजार की इस व्यापक उछाल ने निवेशकों के मनोबल को बढ़ाया और ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी वृद्धि देखी गई।
धनतेरस से पहले सोने‑चांदी में लौटी तेजी, चांदी 1.99% उछली, सोना ₹1.39 लाख के पार
सोने और चांदी के भाव में कई दिनों की निरंतर गिरावट के बाद इस सप्ताह की शुरुआत में तेजी दिखी। धनतेरस और दिवाली से ठीक पहले कीमती धातुओं की इस रिकवरी ने ज्वेलरी खरीदारों व निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया। चांदी के दाम में 1.99 प्रतिशत की उछाल दर्ज हुई, जबकि सोने की कीमत ₹1.39 लाख से ऊपर चली गई। हालांकि, कीमतें अभी भी अपने पिछले रिकॉर्ड उच्च स्तर के निकट बनी हुई हैं।
कोयला उत्पादन में 42% उछाल, अक्टूबर में 2.203 करोड़ टन तक पहुंचा
सरकार ने बताया कि अक्टूबर में देश के कैप्टिव और कमर्शियल कोयला खदानों से उत्पादन सालाना आधार पर 42 प्रतिशत बढ़कर 2.203 करोड़ टन हो गया। यह आंकड़ा पिछले साल उसी महीने के 1.549 करोड़ टन से काफी अधिक है। उसी अवधि में कोयले का डिस्पैच भी 36 प्रतिशत बढ़कर 2.111 करोड़ टन दर्ज किया गया। इन आँकड़ों से कोयला क्षेत्र की उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार स्पष्ट होता है।
