अग्निवीरों को दो साल अतिरिक्त सेवा, फिर नियमित भर्ती की अनुमति: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
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नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार, 7 नवंबर 2026 को कहा कि दो साल की अतिरिक्त सेवा समाप्त करने के बाद सभी अग्निवीर अपनी इच्छा और चयन मानदंडों को पूरा करने पर नियमित सैनिकों के रूप में भर्ती हो सकते हैं। यह घोषणा पश्चिम बंगाल के बागडोगरा एयर फ़ोर्स स्टेशन में एयर वारियर्स के साथ बातचीत के दौरान की गई।
सरकार ने तीन दिन पहले यह निर्णय लिया था कि चार साल की मूल अवधि के बाद बाहर निकलने वाले अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त विस्तार दिया जाएगा और उसके बाद यदि वे पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं तो उन्हें स्थायी भर्ती का अवसर मिलेगा। इस कदम को रक्षा मंत्री ने अग्निवीरों के लिए एक महत्वपूर्ण दीवाली उपहार कहा और रक्षा कर्मियों व उनके परिवारों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
अग्निपथ योजना के तहत जून 2022 में शुरू किए गए इस कार्यक्रम में सैनिकों को चार साल की अवधि के लिए भर्ती किया जाता था, जिसमें केवल 25% को नियमित सेवा में रखे जाने की संभावना थी। इस योजना के तहत वर्तमान में 3,00,000 से अधिक सैनिक सेवा में हैं। रक्षा प्रमुख जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने इस बदलाव की घोषणा बुधवार को की, जब लगभग 18,300 अग्निवीर चार साल की अवधि समाप्त कर सेना से बाहर होने वाले थे।
यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए कैबिनेट मीटिंग में लिया गया था। कांग्रेस ने इस योजना की आलोचना करते हुए कहा कि इससे देश की सुरक्षा कमजोर हुई है और सेना में दो लाख से अधिक सैनिकों की कमी है। सरकार का यह कदम युवा वर्ग की असंतुष्टि को दूर करने और आगामी विधानसभा चुनावों तथा 2029 के लोकसभा चुनावों में समर्थन मजबूत करने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।
दो साल का अतिरिक्त विस्तार और उसके बाद की संभावित स्थायी भर्ती से अग्निवीरों को राष्ट्र की सेवा जारी रखने का एक और अवसर मिलेगा, जिससे सेना में manpower की कमी को कम करने में मदद मिल सकती है।
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