आजम खान को जमानत, लेकिन बाहर आना मुश्किल:बेटा जेल से छूटेगा, 2 पैन कार्ड मामले में 10 साल की सजा सस्पेंड
मूल प्रकाशन:
सारांश
सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला की 10 साल की सजा को हाईकोर्ट ने गुरुवार को सस्पेंड कर दिया। दोनों को जमानत भी दे दी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2 पैन कार्ड मामले में यह फैसला सुनाया। हालांकि, कोर्ट ने दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। इससे पहले हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। आजम और उनका बेटा अब्दुल्ला रामपुर जेल में बंद हैं।
यह शीर्षक और सारांश दैनिक भास्कर के RSS फ़ीड से लिया गया है। दैनिक आयाम ने इसमें कोई तथ्य नहीं जोड़ा है।
मुख्य बिंदु
- सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला की 10 साल की सजा को हाईकोर्ट ने गुरुवार को सस्पेंड कर दिया।
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2 पैन कार्ड मामले में यह फैसला सुनाया।
- हालांकि, कोर्ट ने दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
यह खबर क्यों अहम है
देश स्तर का यह घटनाक्रम आम नागरिकों, राज्यों और नीतियों पर असर डाल सकता है। पूरी जानकारी और आगे के अपडेट मूल रिपोर्ट में देखें।
इस खबर को शेयर करें
संबंधित खबरें
490 पुलिस और सुरक्षा कर्मियों को मिला केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक, सरदार पटेल की जयंती पर गृह मंत्रालय ने की घोषणा
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वर्ष 2026 के लिए 490 पुलिस और सुरक्षा कर्मियों को 'केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक' से सम्मानित किया है।
यूरेनियम भंडार सौंपने पर राजी हो सकता है ईरान, सात दिन में खुलेगा होर्मुज
पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं। एक प्रस्तावित समझौते के तहत ईरान अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम भंडार किसी तीसरे देश को सौंप सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर महा-एक्शन, 5 से 20 नवंबर तक 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम; निर्माण कार्यों पर लगी रोक
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। 5 से 20 नवंबर तक 50% कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम और निर्माण कार्यों पर रोक लगाई गई है, साथ ही प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर भी कार्रवाई होगी।
SHG से बदल रही गांव की तस्वीर: 93 लाख समूहों से जुड़ीं 10 करोड़ महिलाएं, 3.5 करोड़ बनीं लखपति दीदी
स्व-सहायता समूह (SHG) गांवों में महिलाओं की आर्थिक स्थिति बदल रहे हैं, जहाँ 93 लाख समूहों से जुड़ी 10 करोड़ महिलाओं में से 3.5 करोड़ अब लखपति दीदी बन चुकी हैं।