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जेल में बंद होकर भी गैंगस्टर बाहर कैसे चलवा देते हैं गोली? लॉरेंस बिश्नोई गैंग के ऑपरेशन की इनसाइड स्टोरी

स्रोत:एनडीटीवी इंडिया

मूल प्रकाशन:

सारांश

क्या सिर्फ जेल भेज देने से गैंगस्टरों का नेटवर्क खत्म हो जाता है? टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस के बाद यह सवाल फिर चर्चा में है. दाऊद इब्राहिम, अरुण गवली, अश्विन नाइक से लेकर लॉरेंस बिश्नोई तक, कई ऐसे नाम रहे हैं जिनके बारे में आरोप लगते रहे कि सलाखों के पीछे रहते हुए भी उनका असर बाहर बना रहा.

यह शीर्षक और सारांश एनडीटीवी इंडिया के RSS फ़ीड से लिया गया है। दैनिक आयाम ने इसमें कोई तथ्य नहीं जोड़ा है।

मूल खबर पढ़ें (एनडीटीवी इंडिया पर, नई टैब में)

मुख्य बिंदु

  • क्या सिर्फ जेल भेज देने से गैंगस्टरों का नेटवर्क खत्म हो जाता है?
  • टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस के बाद यह सवाल फिर चर्चा में है.
  • दाऊद इब्राहिम, अरुण गवली, अश्विन नाइक से लेकर लॉरेंस बिश्नोई तक, कई ऐसे नाम रहे हैं जिनके बारे में आरोप लगते रहे कि सलाखों के पीछे रहते हुए भी उनका असर बाहर बना रहा.

यह खबर क्यों अहम है

देश स्तर का यह घटनाक्रम आम नागरिकों, राज्यों और नीतियों पर असर डाल सकता है। पूरी जानकारी और आगे के अपडेट मूल रिपोर्ट में देखें।

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मणिपुर में मैतेई समुदाय की रैली, नगा संगठनों का समर्थन:सरकार के खिलाफ नारेबाजी, कुकी उग्रवादियों के साथ हुआ समझौता रद्द करने की मांग

मणिपुर की राजधानी इम्फाल में शनिवार को मैतेई संगठनों ने रैली निकाली। इसमें स्थानीय लोगों की सुरक्षा और कुकी उग्रवादी समूहों के साथ सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन (SoO) समझौता रद्द करने की मांग की गई। रैली को कई नगा संगठनों का समर्थन मिला। चंदेल और सेनापति जिलों में भी नगा संगठनों ने रैलियां निकाली। मणिपुर में मई 2023 से जातीय हिंसा जारी है।

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