एप्पल ने टचस्क्रीन OLED मैकबुक प्रो और A20 प्रो चिप iPad mini को 6 नवंबर से वैश्विक बिक्री के लिए लॉन्च किया
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एप्पल ने अपने नवीनतम हार्डवेयर पोर्टफोलियो को छह नवंबर से बिक्री के लिए उपलब्ध कराया। इस चरण में दो प्रकार के मैकबुक प्रो—14‑इंच और 16‑इंच—टचस्क्रीन OLED डिस्प्ले के साथ पेश किए गए हैं, जबकि 14‑इंच मॉडल में M6 प्रोसेसर वाला एक अलग संस्करण भी शामिल है। साथ ही, कंपनी ने A20 प्रो चिप के साथ नया iPad mini, M6 प्रोसेसर वाला 14‑इंच मैकबुक प्रो, M6 प्रोसेसर वाला iMac और OLED टचस्क्रीन वाले मैकबुक प्रो को बाजार में उतारा है।
टचस्क्रीन मैकबुक प्रो में प्रोलेड एक्सडीआर डिस्प्ले दोहरी OLED (टैंडम) तकनीक पर आधारित है, जो 2,000 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस, 10,000,000:1 का कॉन्ट्रास्ट रेशियो और 120 Hz रिफ्रेश रेट प्रदान करता है। डिस्प्ले P3 और Adobe RGB वाइड कलर सपोर्ट के साथ रंग सटीकता को बढ़ाता है। उपयोगकर्ता स्क्रीन पर सीधे टच करके स्क्रॉल, जूम, ड्रॉ आदि कार्य कर सकेंगे, और डायनामिक आईलैंड फीचर के माध्यम से नोटिफिकेशन व लाइव एक्टिविटी एक ही जगह पर देख पाएंगे। टचस्क्रीन मॉडल में M5 प्रो या M5 मैक्स चिप विकल्प उपलब्ध हैं, जबकि समान आकार के बिना‑टचस्क्रीन संस्करण में M6 चिप स्थापित है।
नए 14‑इंच मैकबुक प्रो में 12‑कोर CPU और 12‑कोर GPU, लिक्विड रेटिना एक्सडीआर डिस्प्ले, 12 MP सेंटर‑स्टेज कैमरा, छह स्पीकर वाला साउंड सिस्टम और 24 घंटे तक की बैटरी लाइफ का दावा किया गया है। iMac भी M6 प्रोसेसर के साथ लॉन्च हुआ है, जिसकी शुरुआती कीमत 1,499 डॉलर बताई गई है।
iPad mini में OLED डिस्प्ले और A20 प्रो चिप का संयोजन है, जिसकी शुरुआती कीमत 699 डॉलर रखी गई है। यह छोटा टैबलेट बेहतर डिस्प्ले और उच्च प्रदर्शन की आवश्यकता वाले उपयोगकर्ताओं को लक्षित करता है।
एप्पल ने इन सभी उत्पादों की वैश्विक बिक्री छह नवंबर से शुरू कर दी है, जिससे भारतीय ग्राहकों को भी इन डिवाइसों की उपलब्धता का इंतजार है, हालांकि भारत में डिलीवरी की तिथि अभी स्पष्ट नहीं की गई है।
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फ्रांस के क्षेत्रीय ब्लड बैंकों पर साइबर हमला, कोल्ड स्टोरेज सिस्टम प्रभावित
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ई‑स्पोर्ट्स सितारे ली सांग‑ह्योक (Faker) की अनुमानित मासिक आय 3.7‑4.4 करोड़ रुपये
ली सांग‑ह्योक, जिन्हें गेमिंग जगत में Faker के नाम से जाना जाता है, ने 17 वर्ष की आयु में प्रोफेशनल ई‑स्पोर्ट्स करियर शुरू किया और आज T1 टीम के प्रमुख खिलाड़ी के रूप में कार्यरत हैं। ई‑स्पोर्ट्स इंसाइडर और कोरिया हेराल्ड की रिपोर्टों के अनुसार, उनकी वार्षिक वेतन 50‑60 मिलियन डॉलर के बीच अनुमानित है, जिससे उनकी औसत मासिक आय 3.7‑4.4 करोड़ रुपये के आसपास आती है। यह आंकड़ा केवल वेतन को दर्शाता है; ब्रांड डील, विज्ञापन और निवेश से अतिरिक्त आय भी प्राप्त होती है। रिपोर्टों के अनुसार, Faker की कुल शुद्ध संपत्ति लगभग 10 मिलियन डॉलर (लगभग 88 करोड़ रुपये) बताई गई है, जबकि कुछ स्रोतों ने इसे 25 मिलियन डॉलर तक बढ़ा कर प्रस्तुत किया है। इन आंकड़ों की पुष्टि स्वयं खिलाड़ी ने नहीं की है। उनकी वार्षिक आय में 50 अरब दक्षिण कोरियाई वॉन (लगभग 44‑53 करोड़ रुपये) का अनुमान भी दिया गया है, जो उपर्युक्त डॉलर‑आधारित आंकड़ों के साथ संगत है। इन आय में टूर्नामेंट इनाम, ब्रांड साझेदारी और व्यक्तिगत निवेश शामिल नहीं हैं। Faker का शुरुआती जीवन आर्थिक रूप से कठिन रहा; उनके परिवार को सरकारी सहायता प्राप्त थी। उनके पिता ने घर में एक कंप्यूटर खरीदा, जिससे Faker की ऑनलाइन गेमिंग में रुचि जाग्रत हुई। 2013 में, 17 वर्ष की आयु में, उन्होंने SK Telecom T1 (अब T1) के साथ अनुबंध किया और उसी वर्ष लीग ऑफ लीजेंड्स विश्व चैंपियनशिप जीतकर अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई। तब से वह लगातार टीम के साथ जुड़े हुए हैं और जुलाई 2025 में चार साल का नया अनुबंध साइन करके 2029 तक अपनी सेवा जारी रखेंगे। Guinness World Records के अनुसार, 7 जुलाई 2026 तक Faker ने लीग ऑफ लीजेंड्स प्रतियोगिताओं से 19.22 लाख डॉलर (लगभग 17 करोड़ रुपये) से अधिक इनाम राशि अर्जित की है। उन्होंने 2013, 2015, 2016, 2023, 2024 और 2025 में कुल छह बार विश्व चैंपियनशिप जीतकर इस खेल में सबसे सफल खिलाड़ियों में स्थान प्राप्त किया है। इन उपलब्धियों ने उन्हें कई बड़े ब्रांडों के साथ साझेदारी करने के अवसर प्रदान किए हैं, जिससे उनकी आय में अतिरिक्त वृद्धि हुई है। Faker की आय संरचना दर्शाती है कि ई‑स्पोर्ट्स पेशेवरों की कमाई केवल खेल के इनाम तक सीमित नहीं रहती; ब्रांड एन्डोर्समेंट, सोशल मीडिया प्रभाव और निवेश भी महत्वपूर्ण आय स्रोत बनते हैं। इस प्रकार, उनके उदाहरण से यह स्पष्ट होता है कि युवा खिलाड़ियों के लिए गेमिंग को करियर विकल्प के रूप में अपनाना आर्थिक रूप से लाभदायक हो सकता है, बशर्ते वे निरंतर प्रदर्शन और सार्वजनिक आकर्षण बनाए रखें।
