'सहमति से बने संबंध ब्रेकअप के बाद रेप नहीं':सुप्रीम कोर्ट बोला- हर टूटे रिश्ते को रेप केस में बदलना गलत; आरोपी बरी
मूल प्रकाशन:
सारांश
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि वयस्क युवक-युवती के बीच आपसी सहमति से बने शारीरिक संबंधों को ब्रेकअप के बाद रेप नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने शादी का वादा करके रिलेशन बनाने के आरोप वाले मामले में एक व्यक्ति को आरोपों से मुक्त कर दिया। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने कहा कि प्रेम और आपसी सहमति वाले रिश्ते में बने संबंधों को ब्रेकअप के बाद अपराध नहीं बनाया जा सकता।
यह शीर्षक और सारांश दैनिक भास्कर के RSS फ़ीड से लिया गया है। दैनिक आयाम ने इसमें कोई तथ्य नहीं जोड़ा है।
मुख्य बिंदु
- सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि वयस्क युवक-युवती के बीच आपसी सहमति से बने शारीरिक संबंधों को ब्रेकअप के बाद रेप नहीं माना जा सकता।
- कोर्ट ने शादी का वादा करके रिलेशन बनाने के आरोप वाले मामले में एक व्यक्ति को आरोपों से मुक्त कर दिया।
- जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर.
यह खबर क्यों अहम है
देश स्तर का यह घटनाक्रम आम नागरिकों, राज्यों और नीतियों पर असर डाल सकता है। पूरी जानकारी और आगे के अपडेट मूल रिपोर्ट में देखें।
इस खबर को शेयर करें
संबंधित खबरें
8 साल के प्रेम प्रसंग के बाद दर्दनाक अंत... कर्नाटक में प्रेमिका के परिवार वालों की पिटाई से आहत युवक ने दी जान
उडुपी में प्रेमिका के परिवार की बेरहमी से पिटाई और धमकियों से परेशान 27 वर्षीय युवक प्रदीप ने अस्पताल के शौचालय में आत्महत्या कर ली।
'इच्छा पूरी नहीं कर सकीं', YS जगन रेड्डी के मना करने पर बहन शर्मिला ने बदला बेटी की शादी का वेन्यू
वाईएस शर्मिला ने अपनी बेटी की शादी का स्थान बदल दिया है, क्योंकि उनके भाई वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने बेंगलुरु स्थित अपनी संपत्ति येलहंका पैलेस को शादी के लिए देने से इनकार कर दिया था।
दिल्ली: डॉ. चिन्मय पंड्या के नेतृत्व में गायत्री परिवार के जन्मशताब्दी महोत्सव का शुभारंभ, ओम बिरला और सिंधिया ने की शिरकत
अखिल विश्व गायत्री परिवार का तीन दिवसीय जन्मशताब्दी महोत्सव दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में ध्वजारोहण और वैदिक अनुष्ठानों के साथ शुरू हुआ।
मणिपुर में मैतेई समुदाय की रैली, नगा संगठनों का समर्थन:सरकार के खिलाफ नारेबाजी, कुकी उग्रवादियों के साथ हुआ समझौता रद्द करने की मांग
मणिपुर की राजधानी इम्फाल में शनिवार को मैतेई संगठनों ने रैली निकाली। इसमें स्थानीय लोगों की सुरक्षा और कुकी उग्रवादी समूहों के साथ सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन (SoO) समझौता रद्द करने की मांग की गई। रैली को कई नगा संगठनों का समर्थन मिला। चंदेल और सेनापति जिलों में भी नगा संगठनों ने रैलियां निकाली। मणिपुर में मई 2023 से जातीय हिंसा जारी है।