होल्यम्मा देवी मेले में पशु बलि रोकने के लिए अधिकारियों से अपील
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होल्यम्मा देवी मेले के आयोजन के दौरान पशु बलि को रोकने हेतु दारावाड जिले के प्रशासन और पुलिस से कार्रवाई का अनुरोध किया गया। इस अपील को ‘विश्व प्राणी कल्याण मंडली तथा पशु प्राणिबली निर्मूलन महासंघ’ के अध्यक्ष दयानंद स्वामी ने टाबाकडा होन्निहल्ली, कलाघटागी तालुका में शनिवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए रखा। मेले का कार्यक्रम 8 से 12 नवंबर तक निर्धारित है।
दयानंद स्वामी ने कहा कि कर्नाटक पशु बलि रोकथाम अधिनियम, 1959 और कर्नाटक हत्या व संरक्षण अधिनियम, 2020 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप प्रतिबंधात्मक उपायों की भी मांग की। इस संदर्भ में उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि धार्मिक और सार्वजनिक सभाओं में पशु बलि के विरुद्ध कड़े नियम लागू किए जाएँ और उल्लंघन पर सख्त दंड दिया जाए।
वक्तव्य में यह स्पष्ट किया गया कि पशु बलि न केवल मानवीय दृष्टिकोण से अस्वीकार्य है, बल्कि यह अंधविश्वास पर आधारित है और पर्यावरण को नुकसान पहुँचाती है। उन्होंने मंदिरों को शोकालय के बजाय आध्यात्मिक स्थल बनाने की आवश्यकता पर बल दिया और सभी धार्मिक संगठनों, भक्तों, प्रबंधन समितियों, सरकार और मीडिया को मिलकर इस दिशा में कार्य करने का आह्वान किया।
इस अपील के साथ दयानंद स्वामी ने मेले के क्षेत्र में एक जागरूकता अभियान चलाने की योजना भी बताई। इस अभियान के माध्यम से अहिंसा, करुणा, पशु कल्याण और आध्यात्मिक मूल्यों को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि भविष्य में धार्मिक मेले में पशु क्रूरता और नशीली पदार्थों का प्रयोग समाप्त हो सके।
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