आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच पोस्टर वॉर से बढ़ती दूरी
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आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने एक-दूसरे पर राजनीतिक हमले शुरू कर दिए, जिससे व्यक्तिगत बयानबाज़ी तक पहुँच गई।
दोनों दलों के बीच दिल्ली चुनाव से पहले ही दूरी बन चुकी थी, पर पंजाब चुनाव के दौरान यह दूरी नए मुक़ाम पर पहुँच गई।
इस पोस्टर वॉर के दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के विरोध में प्रचार सामग्री जारी की, जिससे मतदाताओं के बीच विभाजन और गहरा हुआ।
यह खबर क्यों अहम है
राजनीतिक घटनाक्रम आने वाले फैसलों, चुनावी समीकरण और शासन की दिशा को समझने में मदद करता है।
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सोनिया गांधी ने 1992 के बाबरी ढांचा ध्वंस पर रोने का उल्लेख किया, भाजपा ने टिप्पणी को तीखा किया
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ब्रिटिश अखबार द गार्जियन को साक्षात्कार में कहा कि 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद के ढांचे के ध्वंस के बाद वह रो पड़ी थीं। यह टिप्पणी 10 नवंबर को उनके संस्मरण बिलांगिंग : अ जर्नी आफ लव के विमोचन से पहले दी गई थी। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने इस बयान पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सोनिया की टिप्पणी से कांग्रेस और उनके दिल में बाबर के प्रति झुकाव स्पष्ट होता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस टिप्पणी से पार्टी के दोहरे चेहरे का पता चलता है और कांग्रेस अब महात्मा गांधी के रामराज से दूर होकर बाबर राज की ओर बढ़ रही है। सोनिया ने आपातकाल लागू करने के फैसले को एक गलती माना और कहा कि उनकी सास तथा तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी बाद में ऐसा ही महसूस हुआ था। उन्होंने यह भी कहा कि यदि संजय गांधी को नियंत्रण में रखा गया होता तो आपातकाल के बाद हुए नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था। भाजपा सांसद ने सोनिया के इस दावे पर सवाल उठाते हुए पूछा कि 6 दिसंबर 1992 को वह किस भारतीय टेलीविजन चैनल को देख रही थीं, जब उन्होंने ढांचे के ध्वंस को टेलीविजन पर देखा। त्रिवेदी ने बताया कि उस दिन बीबीसी इस खबर को कवर कर रहा था और सुबह 11:30 बजे कार सेवक वहां पहुंचे थे, जबकि शाम पाँच बजे तक खबर आई कि ढांचा पूरी तरह गिरा दिया गया है और उत्तर प्रदेश में कल्याण सिंह सरकार ने इस्तीफा दे दिया था। सोनिया ने यह भी उल्लेख किया कि अयोध्या के विवादित ढांचे को मुस्लिम पक्ष बाबरी मस्जिद मानता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विफलताएं भाजपा और उसकी हिंदूवादी राजनीति के उभार में कुछ हद तक योगदान देती हैं। यह बयान कांग्रेस के भीतर और राष्ट्रीय राजनीति में बहस को और तीव्र कर रहा है।
प्रह्लाद जोशी ने राहुल गांधी पर एसआईआर होमवर्क न करने का आरोप, अमित शाह के वीडियो को संदर्भ‑बाहिर कहा
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शनिवार को लोकसभा में विपक्षी नेता राहुल गांधी पर एसआईआर (सुपरइंटेलेक्टुअल रेज़िस्टेंस) को लेकर कोई होमवर्क न करने का आरोप लगाया। यह टिप्पणी तब सामने आई जब राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के एक काटे गए और संदर्भ से बाहर वीडियो का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहस के लिए भ्रमित न करने का आग्रह किया था। जोशी ने कहा कि अमित शाह का वह वीडियो, जो कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया पर साझा किया, केवल यह दर्शाता है कि राहुल गांधी ने एसआईआर मुद्दे पर कोई तैयारी नहीं की है। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी का भ्रम स्पष्ट रूप से उनका ही है, सरकार का नहीं, और जब वह चुनाव जीतते हैं तो प्रक्रिया को सही मानते हैं, पर हार के बाद वही प्रक्रिया प्रश्नों के घेरे में आ जाती है। राहुल गांधी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित शाह को लिखा कि वे मोदी को भ्रमित न करें और किसी भी मंच पर खुली बहस के लिए तैयार हैं। उन्होंने युवाओं से एक ऑनलाइन पोल के माध्यम से पूछा था कि क्या वे उनके और प्रधानमंत्री के बीच बहस देखना चाहते हैं, और इस पोल में कई भाजपा वरिष्ठ नेताओं को टैग किया था। अमित शाह ने कहा कि यदि कांग्रेस औपचारिक रूप से अनुरोध करती है तो केंद्र सरकार एक विशेष सत्र बुलाने को तैयार है। उन्होंने हरियाणा के करनाल में एक रैली में राहुल गांधी को संसद में चर्चा करने की चुनौती दी, यह कहा कि यदि वह जिम्मेदार चर्चा करना चाहते हैं तो संसद के भीतर ही आएँ, लेकिन उनका जवाब नहीं मिल पाएगा। यह विवाद राहुल गांधी द्वारा इंटरनेट पर किए गए पोल से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने युवाओं की राय पूछी थी और कई भाजपा नेताओं को टैग किया था। इस क्रम में दोनों पक्षों के बीच जुबानी जंग तेज़ हो गई, जहाँ जोशी ने राहुल के बयान को प्रक्रिया‑परक प्रश्न उठाने के रूप में आलोचना की।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दीपावली, गोवर्धन पूजा व भाई दूज की शुभकामनाएँ दीं
लोकसभा सचिवालय के माध्यम से 7 नवंबर 2026 को प्रकाशित एक संदेश में लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज के अवसर पर सभी को शुभकामनाएँ दीं। यह संदेश प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रसार सूचना ब्यूरो (PIB) द्वारा दिल्ली से जारी किया गया था। संदेश में अध्यक्ष ने कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने और उत्सव मनाने का समय नहीं, बल्कि यह दूसरों के जीवन में आशा, विश्वास और खुशी का प्रकाश फैलाने का अवसर है। उन्होंने इस पावन अवसर को सामाजिक सहयोग, जरूरतमंदों की मदद और एकजुटता के संदेश के साथ जोड़ा। विशेष रूप से उन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों, अन्न भंडार भरने वाले किसानों, राष्ट्र निर्माण में लगे श्रमिकों, उद्यमियों और व्यापारियों को हार्दिक बधाई दी। अध्यक्ष ने यह भी उल्लेख किया कि माँ लक्ष्मी की कृपा से प्रत्येक घर में सुख‑समृद्धि आए, किसानों के जीवन में खुशहाली हो, युवाओं को नए अवसर मिलें और व्यापार‑उद्योग आगे बढ़ें। इस प्रकार उन्होंने आर्थिक और सामाजिक दोनों पहलुओं में भारत के निरंतर सशक्तिकरण की कामना की। यह शुभकामना संदेश राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक समारोहों के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी के संदेश को भी उजागर करता है। दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज के साथ जुड़े सामाजिक पहलुओं को रेखांकित करते हुए, यह संदेश नागरिकों को एकजुट रहने और सामाजिक सहयोग को बढ़ावा देने का आह्वान करता है। संदेश का प्रसारण लोकसभा के आधिकारिक मंच पर किया गया और यह सभी नागरिकों के लिए उपलब्ध कराया गया है, जिससे विभिन्न सामाजिक वर्गों तक इस शुभकामना का प्रभाव पहुँचा।
भाजपा ने सोनिया गांधी के मोदी सरकार पर आरोपों पर इटालियन चश्मा उतारने की सलाह दी
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नरेंद्र मोदी सरकार को लोकतांत्रिक ताने‑बाने को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया। इस बयान के बाद भाजपा ने तीखा प्रतिउत्तर दिया। भाजपा के राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने कहा कि यदि सोनिया गांधी अपना इटालियन चश्मा उतारें तो उन्हें भारत की वास्तविक प्रगति दिखेगी। उन्होंने 12 वर्षों में देश की तरक्की, सबका साथ‑सबका विकास, सबका प्रयास और 7.8 प्रतिशत की जीडीपी विकास दर को उजागर किया, जिससे भारत एक वैश्विक ताकत के रूप में उभरता दिखेगा। भाजपा ने कांग्रेस पर जाति, धर्म और वोट‑बैंक की राजनीति के माध्यम से देश को विभाजित करने का आरोप भी लगाया। साथ ही उन्होंने सोनिया गांधी की आगामी आत्मकथा बिलोंगिंग‑ए जर्नी ऑफ लव में उनके शासनकाल के कथित घोटालों, 1984 के सिख विरोधी दंगों और भोपाल गैस त्रासदी का उल्लेख करने की मांग की।
