राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने हनोई में वियतनाम के उप-प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री से की मुलाकात
प्रकाशित:
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने वियतनाम की राजधानी हनोई में उप-प्रधानमंत्री तथा रक्षा मंत्री के साथ मुलाकात की। इस बैठक में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग पर चर्चा की।
तथ्य संदर्भ: आकाशवाणी समाचार
यह खबर क्यों अहम है
देश स्तर का यह घटनाक्रम आम नागरिकों, राज्यों और नीतियों पर असर डाल सकता है। पूरी जानकारी और आगे के अपडेट मूल रिपोर्ट में देखें।
परीक्षा की दृष्टि से
उपयोगी परीक्षाएं: UPSC, SSC, बैंकिंग, रेलवे, राज्य PCS
यह आधिकारिक स्रोत की सूचना है — योजना/निर्णय का नाम, मंत्रालय, तारीख और प्रमुख आंकड़े नोट करें।
विषय-टैग शीर्षक के शब्दों के आधार पर अपने-आप लगाए गए हैं।
इस खबर को शेयर करें
संबंधित खबरें
भारत की विनिर्माण गतिविधियों में अक्टूबर में मामूली गिरावट, PMI घटकर 54.7 पर आया
अक्टूबर महीने में भारत के विनिर्माण क्षेत्र का PMI 54.7 तक गिरा, जिससे संकेत मिला कि उत्पादन में हल्की गिरावट आई है।
ग्रामीण रोजगार योजना में शिकायत निपटारे के 15‑दिवसीय नियम जारी
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने VB‑G RAM G अधिनियम के तहत शिकायत निवारण नियम, 2026 जारी किए। इन नियमों में योजना के कार्यान्वयन से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए बहुस्तरीय और समयबद्ध प्रक्रिया निर्धारित की गई है। नियमानुसार सभी शिकायतों का निपटारा 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। यह व्यवस्था शिकायतों के शीघ्र निपटारे और योजना की पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्थापित की गई है।
भारतीय नौसेना के लिए 8 अगली पीढ़ी के कॉर्वेट युद्धपोत खरीदेगा रक्षा मंत्रालय, 53,800 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर
रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना के लिए 8 नई पीढ़ी के कॉर्वेट युद्धपोत खरीदने का 53,800 करोड़ रुपये मूल्य का अनुबंध अंतिम रूप दिया। इस समझौते के तहत नौसेना को उन्नत क्षमताओं वाले जहाज़ मिलेंगे।
भारतीय नौसेना के लिए 8 नेक्स्ट जेनरेशन कॉर्वेट्स के निर्माण पर 53,866 करोड़ का रक्षा अनुबंध
रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को भारतीय नौसेना के लिए आठ नेक्स्ट जेनरेशन कॉर्वेट्स (NGC) के निर्माण हेतु 53,866.50 करोड़ रुपए के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए। यह कदम समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करने और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया। अनुबंध में जहाजों की डिजाइन, निर्माण और डिलीवरी से जुड़े सभी चरण शामिल हैं। मंत्रालय ने कहा कि यह परियोजना भारत की नौसैनिक क्षमताओं को आधुनिक बनाने और स्थानीय उद्योग को प्रोत्साहित करने में सहायक होगी।
