राजस्थान-एमपी से मुंबई तक बेटियों की सौदेबाजी की पड़ताल:मां-बाप 3 से 5 लाख में बेच रहे, गोदनामे पर दलाल पाल रहे, बालिग होते ही मुंबई में रेट 35-40 लाख
मूल प्रकाशन:
सारांश
तीन-चार साल की बच्ची…...परिवार की गरीबी और कर्ज के बीच उसका सौदा। कागज पर ‘गोदनामा’ बताया। स्टांप पर बच्ची किसी दूसरे परिवार के हवाले हो गई। वह परिवार उसे कई साल अपने पास रखता है। फिर यही बच्ची राजस्थान-मध्यप्रदेश की सीमा से निकलकर मुंबई, पुणे और नागपुर जैसे शहरों तक पहुंचती है। वहां उसका नाम, उम्र और पहचान तक बदल गए। आगे उसे बार में डांस या देह व्यापार के नेटवर्क में फंसा दिया।
यह शीर्षक और सारांश दैनिक भास्कर के RSS फ़ीड से लिया गया है। दैनिक आयाम ने इसमें कोई तथ्य नहीं जोड़ा है।
मुख्य बिंदु
- तीन-चार साल की बच्ची…...परिवार की गरीबी और कर्ज के बीच उसका सौदा।
- स्टांप पर बच्ची किसी दूसरे परिवार के हवाले हो गई।
- वह परिवार उसे कई साल अपने पास रखता है।
यह खबर क्यों अहम है
देश स्तर का यह घटनाक्रम आम नागरिकों, राज्यों और नीतियों पर असर डाल सकता है। पूरी जानकारी और आगे के अपडेट मूल रिपोर्ट में देखें।
इस खबर को शेयर करें
संबंधित खबरें
8 साल के प्रेम प्रसंग के बाद दर्दनाक अंत... कर्नाटक में प्रेमिका के परिवार वालों की पिटाई से आहत युवक ने दी जान
उडुपी में प्रेमिका के परिवार की बेरहमी से पिटाई और धमकियों से परेशान 27 वर्षीय युवक प्रदीप ने अस्पताल के शौचालय में आत्महत्या कर ली।
'इच्छा पूरी नहीं कर सकीं', YS जगन रेड्डी के मना करने पर बहन शर्मिला ने बदला बेटी की शादी का वेन्यू
वाईएस शर्मिला ने अपनी बेटी की शादी का स्थान बदल दिया है, क्योंकि उनके भाई वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने बेंगलुरु स्थित अपनी संपत्ति येलहंका पैलेस को शादी के लिए देने से इनकार कर दिया था।
दिल्ली: डॉ. चिन्मय पंड्या के नेतृत्व में गायत्री परिवार के जन्मशताब्दी महोत्सव का शुभारंभ, ओम बिरला और सिंधिया ने की शिरकत
अखिल विश्व गायत्री परिवार का तीन दिवसीय जन्मशताब्दी महोत्सव दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में ध्वजारोहण और वैदिक अनुष्ठानों के साथ शुरू हुआ।
मणिपुर में मैतेई समुदाय की रैली, नगा संगठनों का समर्थन:सरकार के खिलाफ नारेबाजी, कुकी उग्रवादियों के साथ हुआ समझौता रद्द करने की मांग
मणिपुर की राजधानी इम्फाल में शनिवार को मैतेई संगठनों ने रैली निकाली। इसमें स्थानीय लोगों की सुरक्षा और कुकी उग्रवादी समूहों के साथ सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन (SoO) समझौता रद्द करने की मांग की गई। रैली को कई नगा संगठनों का समर्थन मिला। चंदेल और सेनापति जिलों में भी नगा संगठनों ने रैलियां निकाली। मणिपुर में मई 2023 से जातीय हिंसा जारी है।