मुख्य सामग्री पर जाएं
ताज़ा
उमर अब्दुल्ला की शादी पर नया विवाद, बरेली के मौलाना बोले-इस्लामी नियमों के मुताबिक ये निकाह मान्य नहीं'लॉरेंस बिश्नोई' के नाम से नागपुर के 8 सराफा कारोबारियों को धमकी, कहा-जैसे टाइगर श्रॉफ को मारा, वैसे मारेंगे..स्टीवंस इंस्टीट्यूट से पढ़ाई, Apple में वाइस प्रेसिडेंट ऑफ इंजीनियर:भारतीय मूल के इंजीनियर राजेश अंबाती, जानें पूरी प्रोफाइलइंडिया का अगला मैच कब-किसके खिलाफ है? रोहित-विराट के साथ उतरेगी वनडे टीमराहुल गांधी पर BJP का हमला तेज, 'इंडिया' गठबंधन की रैली पर निशाना; अमित शाह से लेकर गिरिराज सिंह तक ने घेराCISF ने 56 साल पुराना सुरक्षा ढांचा बदला:फंक्शनल सेक्टर में शिफ्ट, एक जैसे काम वाली इंडस्ट्री की सिक्योरिटी के लिए स्पेशल सेक्टर बनेCISF ने सुरक्षा देने का 56 साल पुराना स्ट्रक्चर बदला:अब पावर-स्टील प्लांट, बंदरगाह के लिए अलग-अलग सेक्टर; पहले जोन वाइज अफसर थाईशान-अय्यर की तूफानी पारी पर एक गलती ने फेरा पानी, न्यूजीलैंड ने जीता 5वां टी20, भारत ने 3-2 से जीती सीरीजराहुल ने अखिलेश को चॉकलेट खिलाई:प्रियंका के साथ खुली बस में सवार; विपक्ष के रामलीला मैदान मार्च की 20 PHOTOSवॉट्सएप पर EPFO सर्विस लॉन्च, 5 नए ट्रांजेक्शन देख सकेंगे:डिएक्टिव EPF खातों का 1000 रुपए तक बैलेंस अपने आप सेटल होगा'राहुल गांधी के भाषण में खाली थीं कुर्सियां'- रामलीला मैदान की रैली पर भाजपा का दावाटूटी-फूटी अंग्रेजी को कहें अलविदा, इस सरकारी पोर्टल से घर बैठे सीखें फ्लूएंट इंग्लिश बोलना, मिलेगा Certificate
देश

क्या आयुष्मान कार्ड की लिमिट खत्म होने पर हो सकता है फ्री इलाज? जानें नियम

स्रोत:एनडीटीवी इंडिया

मूल प्रकाशन:

सारांश

आयुष्मान योजना के तहत 5 लाख रुपये की राशि पूरे परिवार के लिए होती है. इसके तहत परिवार के अलग-अलग सदस्यों को 5-5 लाख रुपये की बीमा नहीं मिलती है.

यह शीर्षक और सारांश एनडीटीवी इंडिया के RSS फ़ीड से लिया गया है। दैनिक आयाम ने इसमें कोई तथ्य नहीं जोड़ा है।

मूल खबर पढ़ें (एनडीटीवी इंडिया पर, नई टैब में)

मुख्य बिंदु

  • आयुष्मान योजना के तहत 5 लाख रुपये की राशि पूरे परिवार के लिए होती है.
  • इसके तहत परिवार के अलग-अलग सदस्यों को 5-5 लाख रुपये की बीमा नहीं मिलती है.

यह खबर क्यों अहम है

देश स्तर का यह घटनाक्रम आम नागरिकों, राज्यों और नीतियों पर असर डाल सकता है। पूरी जानकारी और आगे के अपडेट मूल रिपोर्ट में देखें।

परीक्षा की दृष्टि से

विषय: सरकारी योजनाएं

उपयोगी परीक्षाएं: UPSC प्रारंभिक, SSC, बैंकिंग, राज्य PCS

नाम, तारीख, स्थान और आंकड़े मूल रिपोर्ट से नोट करें और संभव हो तो आधिकारिक स्रोत (PIB/मंत्रालय) से मिलान करें।

विषय-टैग शीर्षक के शब्दों के आधार पर अपने-आप लगाए गए हैं।

इस खबर को शेयर करें

उमर अब्दुल्ला की शादी पर नया विवाद, बरेली के मौलाना बोले-इस्लामी नियमों के मुताबिक ये निकाह मान्य नहीं

ये रिश्ता क्या कहलाता है’ फेम अभिनेत्री हिना खान ने भी जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पत्रकार निधि राजदान की शादी पर प्रतिक्रिया दी है. हिना ने कहा कि हो सकता है उमर अब्दुल्ला अगला चुनाव न जीतें, लेकिन प्यार चुनना ज्यादा महत्वपूर्ण है.

एनडीटीवी इंडिया

'लॉरेंस बिश्नोई' के नाम से नागपुर के 8 सराफा कारोबारियों को धमकी, कहा-जैसे टाइगर श्रॉफ को मारा, वैसे मारेंगे..

नागपुर के सराफा बाजार के कुछ व्यापारियों को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से धमकी भरे पत्र और फोन कॉल मिलने की जानकारी सामने आई है. मामले की जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल को दे दी गई है. व्यापारियों से सतर्क रहने की अपील की गई है.

एनडीटीवी इंडिया

CISF ने 56 साल पुराना सुरक्षा ढांचा बदला:फंक्शनल सेक्टर में शिफ्ट, एक जैसे काम वाली इंडस्ट्री की सिक्योरिटी के लिए स्पेशल सेक्टर बने

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने सबसे बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। फोर्स ने आज से अपने 56 साल पुराने टेरिटोरियल कमांड मॉडल को खत्म करके फंक्शनल सेक्टर मॉडल अपना लिया है। फोर्स अब तक जोन के हिसाब से काम करती थी। जैसे - मुंबई जोन के एक ही अधिकारी के पास पावर प्लांट भी होता था और कोयला खदान भी। इससे सुरक्षा मिली-जुली रहती थी। नए मॉडल में एक जैसी इंडस्ट्रियल यूनिट को एक ही छतरी के नीचे लाया गया है।

दैनिक भास्कर

CISF ने सुरक्षा देने का 56 साल पुराना स्ट्रक्चर बदला:अब पावर-स्टील प्लांट, बंदरगाह के लिए अलग-अलग सेक्टर; पहले जोन वाइज अफसर था

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने सबसे बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। फोर्स ने आज से अपने 56 साल पुराने टेरिटोरियल कमांड मॉडल को खत्म करके फंक्शनल सेक्टर मॉडल अपना लिया है। फोर्स अब तक जोन के हिसाब से काम करती थी। जैसे - मुंबई जोन के एक ही अधिकारी के पास पावर प्लांट भी होता था और कोयला खदान भी। इससे सुरक्षा मिली-जुली रहती थी। नए मॉडल में एक जैसी इंडस्ट्रियल यूनिट को एक ही छतरी के नीचे लाया गया है।

दैनिक भास्कर